Atik ahamad; रीवा का ‘अतीक अहमद’ कौन ?भू-माफिया के आतंक से सहमे लोग, न्याय के लिए दर-दर भटक रहे पीड़ित

Atik ahamad; रीवा। सफेदपोश अपराधियों के चंगुल में फंसी विंध्य की राजधानी अब भू-माफियाओं का गढ़ बनती जा रही है। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक रसूखदार प्रॉपर्टी डीलर पर करोड़ों रुपए की ठगी और जालसाजी का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित ने आरोपी की तुलना ‘अतीक अहमद’ से करते हुए प्रशासन से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है।
Atik ahamad; करोड़ों की ठगी, न्याय की आस में भटक रहा फरियादी
पड़रा शांति विहार कॉलोनी निवासी अनूप कुमार तिवारी ने कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान अपनी व्यथा सुनाई। पीड़ित का आरोप है कि सिविल लाइन निवासी शकील खान ने जमीन दिलाने के नाम पर उनसे करोड़ों रुपए हड़प लिए हैं। अनूप तिवारी के अनुसार, उन्होंने लगभग 66 लाख 57 हजार रुपए बैंक खाते के माध्यम से और करीब 80 लाख रुपए नकद दिए थे। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी न तो उन्हें जमीन की रजिस्ट्री मिली और न ही उनके पैसे वापस किए जा रहे हैं।
Atik ahamad; धमकी और रसूख का खेल
पीड़ित का दावा है कि जब वह अपने पैसे मांगते हैं, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। आरोपी का भाई लुकमान खान और भतीजा राज खान भी इस पूरे खेल में शामिल बताए जा रहे हैं। अनूप तिवारी ने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम कहते हैं कि वे पुलिस और प्रशासन को अपनी जेब में रखते हैं। पीड़ित का कहना है कि पिछले चार महीनों में तीन टीआई बदल गए, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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बीमारी और जान का खतरा
इस मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के कारण पीड़ित अनूप तिवारी गंभीर रूप से बीमार हो चुके हैं। उन्होंने बतायाबताया कि तनाव के चलते उन्हें हार्ट अटैक तक आ चुका है। अब हालत यह है कि उन्हें अपनी और अपने परिवार की जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आत्मरक्षा के लिए लाइसेंस या गनर मुहैया कराने की मांग की है।
इन क्षेत्रों में फैला है जाल
बताया जा रहा है कि आरोपी शकील खान कथित अतीक अहमद ने निपनिया, बेला और डोमा जैसे क्षेत्रों में अपना जाल फैला रखा है। ठगी के शिकार कई और लोग भी अब धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी का गिरोह संगठित तरीके से लोगों की जीवन भर की कमाई हड़प रहा है।
अब देखना यह होगा कि कलेक्टर और पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय तक मामला पहुंचने के बाद क्या रीवा के इस स्वयंभू ‘अतीक’ पर कानून का शिकंजा कसता है या फिर पीड़ित यूं ही दफ्तरों के चक्कर काटते रहेंगे।

