Rewa news: अब तब रीवा को नही मिले ऐसे कलेक्टर , जनता के बीच जन चौपाल में जमीन पर बैठ कर सुनी समस्या
Rewa news: रीवा जिले को अब तक नहीं मिले थे ऐसे कलेक्टर आपको बता दे की सन 2021 और 22 में रीवा कलेक्टर के पद पर डॉक्टर इलैयाराजा टी को कमान दी गई थी जहां उन्होंने बखूबी ईमानदारी पूर्वक रीवा जिले की कमान संभाली थी इनके बाद रीवा में 2 कलेक्टर आए मगर 2 कलेक्टर की कार्य शैली हमेशा सवालों के घेरे पर रही है 2 कलेक्टर जाने के बाद अब 2026 में रीवा जिले को नए कलेक्टर के तौर पर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को जिले की कमान सौंप गई है जो उन्होंने आते ही अलग अंदाज में जनता के बीच में जाकर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं और काम कर रहे हैं रीवा कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि वह जनता के सेवक है और जनता की सेवा के लिए ही उन्हें कलेक्टर की कुर्सी मिली है जिससे वह बखूबी अपनी जिम्मेदारी को निभाएंगे चाहे उनके खिलाफ भले ही भ्रष्टाचारी कामचोर लोग षड्यंत्र करें।
रीवा। प्रशासनिक कार्यशैली में संवेदनशीलता और सादगी का एक अनूठा उदाहरण जिले के सकरवट गांव में देखने को मिला। यहां आयोजित ग्राम चौपाल में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने प्रोटोकॉल और कुर्सी को दरकिनार कर सीधे जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उनकी इस सादगी ने न केवल ग्रामीणों का दिल जीत लिया, बल्कि प्रशासनिक अमले को भी जनता के प्रति जवाबदेह होने का कड़ा संदेश दिया।
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मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के पालन में कलेक्टर सकरवट गांव पहुंचे थे। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने राशन, सड़क, बिजली, पानी और आंगनबाड़ी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियों को खुलकर साझा किया। जमीन पर बैठे कलेक्टर को अपने बीच पाकर ग्रामीण भी सहज नजर आए और उन्होंने सिस्टम की कमियों को उजागर करने में कोई झिझक नहीं दिखाई।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि गांव में पटवारी का कार्य संतोषजनक है और स्कूल की व्यवस्थाएं भी बेहतर हैं। बच्चों को नियमित रूप से मिड-डे मील मिल रहा है। हालांकि, स्कूल में शौचालय की समस्या और बिजली विभाग से जुड़े कुछ मुद्दे सामने आए, जिनके निराकरण के लिए उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए।
Rewa News; रीवा कलेक्टर का ये अंदाज़ देख लोग हैरान, जमीन पर बैठकर सुनी गांव वालों की बातें
कलेक्टर सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि हर पात्र व्यक्ति तक जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने राजस्व और ग्रामीण विकास विभाग के अमले को सख्त हिदायत दी कि पाई गई कमियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए। सकरवट गांव में हुई इस ‘जमीन वाली चौपाल’ की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है।
