Mp news: रीवा में साले के बेटे के विवाह समारोह में हुए शामिल, प्रदेश के मुखिया मोहन यादव
Mp news: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीती रात एक संक्षिप्त और निजी प्रवास पर विंध्य के केंद्र रीवा पहुंचे। मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह से पारिवारिक और मांगलिक कार्यक्रम पर केंद्रित था। वे अपने साले सदानंद यादव के सुपुत्र प्रभाकर यादव और पुत्रवधू पूनम के विवाह उत्सव में सम्मिलित होने के लिए यहां आए थे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और अफसोस में भारी उत्साह देखा गया।
विवाह समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अलग ही अंदाज में नजर आए। सत्ता की व्यस्तताओं से दूर उन्होंने अपने परिजनों और रिश्तेदारों के बीच समय बिताया। समारोह स्थल पर पहुंचे उन्होंने सबसे पहले नवदंपति प्रभाकर और पूनम को पुष्पगुच्छ देकर आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने परिवार के बुजुर्गों का सम्मान किया और आत्मीयता के साथ सभी से मुलाकात की। इस दौरान पूरा माहौल उत्सव के साथ-साथ परिवार स्नेह से सराबोर रहा।
हालांकि यह मुख्यमंत्री का एक निजी दौरा था, लेकिन उनकी उपस्थिति के कारण समारोह में राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज रहीं। कार्यक्रम में प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उनके अलावा विंध्य क्षेत्र के कई सांसद, विधायक, भारतीय जनता पार्टी के जिलाधी और वरिष्ठ प्रतिनिधि भी इस खुशियों के अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे। राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इस निजी कार्यक्रम को एक बड़े सामाजिक समागम में बदल दिया।
मुख्यमंत्री के रीवा आगमन को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। हवाई पट्टी से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के पुख्ता कराए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वहीं, जैसे ही मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिली, भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक विवाह स्थल के बाहर और भीतर उन्हें देखने के लिए इकट्ठा हो गए। मुख्यमंत्री ने भी इस्तीफे को निराश नहीं किया और निराश हुए उनके पात्र स्वीकार किया।
समारोह के बीच मुख्यमंत्री ने उपस्थित कुछ प्रमुख नेताओं और अधिकारियों से संक्षिप्त चर्चा भी की। पारिवारिक व्यस्तता के बावजूद उन्होंने स्थानीय स्थिति का पक्ष लिया। देर रात तक चले इस मांगलिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भोजन ग्रहण किया और पुनः अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। उनके इस दौरे ने न केवल यादव परिवार की खुशियों में चार चांद लगाए, बल्कि विंध्य की धरती पर एक बार फिर मुख्यमंत्री के प्रति जनता और बर्फबारी के लगाव को भी स्पष्ट कर दिया।
