Rewa news; रीवा। जिले के सिमरिया तहसील अंतर्गत गेहूं खरीदी केंद्र में व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। बारदाने की कमी और पिछले कई दिनों से तौल बंद होने के कारण शनिवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। अपनी उपज लेकर हफ्तों से केंद्र पर डेरा डाले किसान आक्रोशित हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
खुले में पड़ी फसल, खराब होने का डर
सहकारी समिति खरीदी केंद्र पर पहुंचे किसानों ने बताया कि वे 5 से 10 दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि केंद्र पर बारदाना उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण तौल का काम ठप पड़ा है। किसानों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि मौसम के बदलते मिजाज के बीच उनकी उपज खुले आसमान के नीचे रखी है, जिससे फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कई किसानों के एसएमएस की वैधता (अंतिम तिथि) भी समाप्त होने की कगार पर है।
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एसडीएम और तहसीलदार ने संभाला मोर्चा
हंगामे की सूचना मिलते ही एसडीएम दृष्टि जयसवाल और तहसीलदार ममता पटेल दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने सीधे किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने केंद्र के रिकॉर्ड और रजिस्टर की जांच की और केंद्र प्रभारी को व्यवस्थाओं में सुधार न होने पर फटकार लगाई। किसानों ने अधिकारियों को बताया कि कल रात तक केवल गिनती के लोगों की तौल हुई है, जबकि सैकड़ों किसान कतार में हैं।
जल्द तौल शुरू करने का आश्वासन
एसडीएम ने किसानों को समझाते हुए भरोसा दिलाया कि जल्द ही पर्याप्त बारदाने उपलब्ध करा दिए जाएंगे और तौल की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन किसानों की अंतिम तिथि आज है, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। प्रशासनिक आश्वासन के बाद किसान शांत हुए और विरोध प्रदर्शन समाप्त किया।
अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल
खरीदी केंद्रों पर हर साल बारदाने की कमी और तौल में देरी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन पहले से तैयारी क्यों नहीं करता? दाने-दाने के लिए मोहताज किसान अपनी ही फसल बेचने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन का आश्वासन जमीनी स्तर पर कब तक पूरा होता है।
