Collector ; रीवा कलेक्टर का रौद्र रूप, अगर गरीब को सड़क पर भेजा, तो तुम्हारी कुर्सी पर भी कब्जा करवा दूंगा
Collector; रीवा, मध्य प्रदेश: प्रशासन में जब संवेदनशीलता और सख्ती का मेल होता है, तो वर्षों से लंबित पड़े न्याय की उम्मीद जाग उठती है। ऐसा ही कुछ नजारा रीवा कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में देखने को मिला, जहां नए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने एक पीड़ित बुजुर्ग की व्यथा सुनकर तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाई।
रीठी उमरी निवासी जगभान कुशवाहा पिछले तीन सालों से अपनी जमीन के सीमांकन के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। बुजुर्ग का आरोप है कि तहसीलदार अरुण यादव और पटवारी आशीष तिवारी ने मिलीभगत कर उनकी निजी जमीन पर दूसरे पक्ष का कब्जा करवा दिया और बुजुर्ग को यह कह दिया कि वे प्रधानमंत्री सड़क जैसी सरकारी जमीन पर कब्जा कर लें। जगभान कुशवाहा ने बताया कि उनकी जमीन सड़क के पास थी, जिसे नापकर दूसरे को दे दिया गया और उन्हें सड़क खोदकर अपना गुजारा करने की अनुचित सलाह दी गई।
कलेक्टर का रौद्र रूप और तहसीलदार को चेतावनी
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कलेक्टर का रौद्र रूप और तहसीलदार को चेतावनीजनसुनवाई में जब यह मामला कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के सामने आया, तो वे बुजुर्ग की पीड़ा देखकर भड़क गए। उन्होंने सीधे तहसीलदार को फोन लगाया और बेहद सख्त लहजे में कहा कि मैं तुम्हारी कुर्सी पर किसी दूसरे का कब्जा करवा दूंगा, जैसे तुम इस बुजुर्ग को बोल रहे हो कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर लो।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कोई भी आम आदमी बिना कारण झूठ नहीं बोलता। उन्होंने तहसीलदार को आदेश दिया कि संबंधित सर्वे नंबर का तत्काल सीमांकन कर बुजुर्ग को उनकी जमीन वापस दिलाई जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई या सस्पेंशन के लिए तैयार रहें।
न्याय की जागी उम्मीद
पिछले तीन वर्षों से भटक रहे जगभान कुशवाहा के चेहरे पर इस जनसुनवाई के बाद संतोष नजर आया। उन्होंने बताया कि पहले भी वे कई बार आए थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई थी। अब कलेक्टर के सीधे दखल के बाद उन्हें भरोसा है कि उनकी पुश्तैनी जमीन उन्हें वापस मिल जाएगी। जिले के मुखिया के इस सख्त रवैये ने भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
