Rewa news; रीवा कलेक्टर बनाम कर्मचारी विवाद में कूदे सिमरिया विधायक, भ्रष्टाचार के ‘रीवा मॉडल’ पर बोला हमला

0
20260509_095700
Share With Others

Rewa news; रीवा में कलेक्टर और कर्मचारी संघ के बीच उपजा विवाद अब राजनीतिक गलियारे तक पहुंच गया है। सिमरिया विधायक अभय मिश्रा ने इस मुद्दे पर तीखे तेवर अपनाते हुए जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक ढर्रे पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

रीवा। जिले में नवागत कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और कर्मचारी संघ के बीच जारी तनातनी ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस पूरे विवाद में सिमरिया विधायक अभय मिश्रा ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कर्मचारियों और जिले के सिस्टम में जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक ने बेबाकी से अपनी बात रखते हुए कहा कि रीवा में सरकारी धन की लूट की एक खास शैली विकसित हो चुकी है।

अवैध कारोबार और परिवारों का कब्जा

विधायक अभय मिश्रा ने आरोप लगाया कि रीवा के ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ चुनिंदा परिवारों ने व्यवस्था पर कब्जा कर रखा है। उन्होंने कहा कि कोई मध्याह्न भोजन योजना में भ्रष्टाचार कर रहा है, तो कोई बालू, नशे और गांजे के अवैध कारोबार में लिप्त है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकारी धन को लूटने और ‘जुगाड़’ की ट्रेनिंग लेनी हो, तो उसके लिए रीवा सबसे उपयुक्त जगह है।

हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें

See also  Mp newsशहडोल जिले में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के बावजूद ब्यौहारी मंडी में अवैध मछली व्यापार जारी

कलेक्टर की कार्रवाई का समर्थन

कर्मचारी संघ द्वारा कलेक्टर के व्यवहार के विरोध पर विधायक ने कहा कि उनका किसी व्यक्ति विशेष से लगाव या विरोध नहीं है, लेकिन जब कोई अधिकारी सिस्टम सुधारने की कोशिश करता है, तो वर्षों से जमी भ्रष्टाचार की आदतों को बदलना आसान नहीं होता। उन्होंने जल संवर्धन जैसी हितग्राही मूलक योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि चूंकि इन योजनाओं में बिचौलियों और कर्मचारियों को ‘कमीशन’ नहीं मिलता, इसलिए इन्हें निचले स्तर पर जानबूझकर फिसड्डी रखा जाता है।

युवाओं के रोजगार पर चिंता

प्रेस वार्ता के दौरान मिश्रा ने स्थानीय युवाओं की स्थिति पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अत्यधिक नेतागिरी और हस्तक्षेप के कारण रीवा के युवाओं को यहाँ की कंपनियों में रोजगार नहीं मिल पा रहा है। बाहर के लोग यहाँ आकर काम कर रहे हैं और यहाँ का युवा सुबह से शाम तक कलेक्ट्रेट और कचहरी के चक्कर काटने को मजबूर है।

See also  Rewa news : अपनी दुर्दशा पर आशू बहा रहा किसान खेती के लिए खाद तो नही मिली लेकिन मिले............

दिखावे की जीवनशैली पर कटाक्ष

विधायक ने लोगों की जीवनशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि रीवा में खेती-किसानी से ज्यादा लोगों की रुचि अधिकारियों के बंगलों और नेताओं के घर चक्कर लगाने में है। उन्होंने कहा कि जिस स्तर से एक कलेक्टर रहता है, यहाँ का हर आदमी उसी ठाठ-बाट और सजावट के साथ रहने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह पैसा कहाँ से आ रहा है, यह जांच का विषय है।
विधायक के इस तीखे बयान के बाद अब जिले की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। देखना यह होगा कि कर्मचारी संगठन इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed