Rewa news; रीवा न्यू बस स्टैंड में अव्यवस्थाओं का अंबार, बाल-बाल बची युवती , नहीं तो चढ़ जाता बस का पहिया

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Rewa news; रीवा। शहर का मुख्य नया बस स्टैंड इन दिनों यात्रियों के लिए सुविधाओं के बजाय हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। परिसर के भीतर फैली अव्यवस्थाओं और अनियंत्रित वाहनों के संचालन के कारण आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। ताजा मामला आज दिन गुरुवार को सामने आया जहां एक युवती से जुड़ा है, जो बस स्टैंड परिसर में ही एक बस हादसे का शिकार होते-होते बची। चश्मदीदों के मुताबिक, युवती लगभग बस के पहिए के नीचे आने ही वाली थी, लेकिन ऐन वक्त पर उसकी जान बच गई।

घटना के समय पास ही मौजूद एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि बस स्टैंड के भीतर हमेशा भारी भीड़ और अराजकता का माहौल रहता है। उन्होंने बताया कि मैं अपनी दुकान में ग्राहकों को सामान देने में व्यस्त था, तभी अचानक बाहर जोर-जोर से हल्ला होने लगा। जब मैंने नजर दौड़ाई, तो देखा कि वहां भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो चुकी थी। पता चला कि एक लड़की बस के पहिए की चपेट में आने से बची है। गनीमत रही कि बस का पहिया उसके ऊपर नहीं चढ़ा और उसकी जान बच गई। बाद में लोग बस के ड्राइवर को अपने साथ लेकर आगे चले गए। और उसके साथ मारपीट कर दी है ।
जब दुकानदार से पूछा गया कि क्या लड़की खुद से गिरी थी, तो उन्होंने कहा कि दुकान में व्यस्त होने के कारण उन्होंने शुरुआत में नहीं देखा, लेकिन चीख-पुकार मचने के बाद ही सबका ध्यान उस ओर गया।

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व्यवस्थाओं पर खड़े हो रहे हैं गंभीर सवाल

इस घटना ने शहर के नया बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार: बस स्टैंड के भीतर बसों और अन्य वाहनों की गति पर कोई नियंत्रण नहीं है। चालक लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे पैदल चलने वाले यात्रियों की जान हमेशा जोखिम में रहती है।

अतिक्रमण और जाम की स्थिति

परिसर में अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों और अतिक्रमण के कारण यात्रियों को चलने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिलती।
सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन की लापरवाही परिसर के भीतर ट्रैफिक और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार अमला पूरी तरह नदारद नजर आता है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

घटना के बाद से स्थानीय दुकानदारों और यात्रियों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब नया बस स्टैंड में इस तरह की अव्यवस्था के कारण कोई हादसा होने से बचा हो। यदि समय रहते प्रशासन और बस स्टैंड प्रबंधन ने सुध नहीं ली, तो आने वाले दिनों में किसी की जान भी जा सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड के भीतर वाहनों की गति सीमा तय की जाए, पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित हो और अव्यवस्था फैलाने वाले बस चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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