Rewa news; रीवा जिले में “SAFE CLICK 2026” अभियान का आगाज, पुलिस ने निकाली साइबर जागरूकता रैली

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Rewa news; देश और प्रदेश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आम जनमानस को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार बुधवार को रीवा में “SAFE CLICK 2026” अभियान की शुरुआत की गई। रीवा पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में सिरमौर थाना प्रभारी दीपक तिवारी के नेतृत्व में स्कूली बच्चों और पुलिस बल के साथ एक विशाल साइबर जागरूकता रैली निकाली गई।

Rewa news; संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें: थाना प्रभारी

अभियान की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी दीपक तिवारी ने बताया कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ा है, जिसके साथ ही साइबर ठगी के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इस अभियान का मुख्य नाम ही ‘सेफ क्लिक’ है, जिसका अर्थ है कि इंटरनेट या मोबाइल का उपयोग करते समय किसी भी वेबसाइट, नेटवर्क या अज्ञात लिंक को अच्छी तरह जांचने-परखने के बाद ही उस पर क्लिक करें। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP), पासवर्ड या बैंकिंग विवरण साझा न करें।

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बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर दिया संदेश

जागरूकता रैली के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं ने हाथों में पोस्टर, पंपलेट और जागरूकता स्लोगन लिखी तख्तियां थाम रखी थीं। रैली के माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक के खतरे, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट धोखाधड़ी और साइबर बुलिंग जैसी गंभीर चुनौतियों से बचने के उपाय बताए गए। रैली में शामिल स्कूली छात्रा पलक साकेत ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा उन्हें मोबाइल के सुरक्षित उपयोग और अज्ञात लिंक से होने वाले खतरों के बारे में विस्तार से समझाया गया है।

साइबर ठगी होने पर तुरंत मिलाएं ‘1930’

थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नागरिक किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या वित्तीय ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर दी गई सूचना से ठगी गई राशि को ब्लॉक कराने में मदद मिलती है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए यह जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, जिसके तहत विभिन्न गांवों और शैक्षणिक संस्थानों में जनसंवाद व सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश पहुंचाए जाएंगे।

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