Mp news; मछलीपालन विभाग द्वारा मछलीपालक किसानों को आधुनिकतम तकनीक से मछलीपालन के लिए सहयोग दिया जा रहा है। बड़े जलाशयों में केज एक्वाकल्चर की स्थापना के लिए 30 जून तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में उप संचालक मछलीपालन डॉ. अंजना सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अनुसार विभागीय जलाशयों तथा पंचायतराज संस्थाओं के अधीन जलाशयों में आधुनिक तकनीक से मछलीपालन किया जाएगा। इसके लिए युवा उद्यमियों तथा मछली पालकों को केज एक्वाकल्चर, एक्वाकोनिक्स, इंटिग्रेटेड फिश फार्मिंग तथा ईको टूरिज्म यूनिट के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। इसमें बैकवर्ड तथा फार्मर लिंकेज का भी लाभ दिया जाएगा। केजकल्चर की स्थापना के लिए डीपीआर तैयार कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदक जिले के सहायक संचालक मछलीपालन कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में अन्य जानकारियाँ डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एमपी फिशरीज डॉट जीओभी डॉट इन वेबसाइट पर भी प्राप्त की जा सकती हैं। मछलीपालन अत्यंत लाभदायक व्यवसाय है। आधुनिक तकनीक से मछली पालन करके उद्यमी अच्छा लाभ कमा सकते हैं।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
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