रीवा संभाग

Rewa news : अपनी दुर्दशा पर आशू बहा रहा किसान खेती के लिए खाद तो नही मिली लेकिन मिले…………

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Rewa news: रीवा जिले में इन दिनों किसान खेती को लेकर परेशान हैं इसका कारण यह है कि किसान को खाद उपलब्ध नही हो रही है समिति से लेकर निजी दुकानों के चक्कर किसान लगा रहा है इसके बाद भी खाद उपलब्ध नही हो पा रही है किसान की खेती मुरझा रही है और किसान का जीवन यापन भी धराशाई हो रहा है आखिर शासन प्रशासन अन्न दाता कहे जाने वाले किसानों को खाद की सुविधा क्यों उपलब्ध नही करा पा रहा है?

यह चिंता का विषय है वह भी राजनीति के लिए जो चुनाव के समय इनको अन्न दाता की श्रेणी देकर इनका मत बहला फुसलाकर हासिल कर लेती है और उसके बाद यही किसान इनके लिए धूल साबित होते हैं और प्रशासन की लाठी का शिकार बनते हैं ?जबकि यह अपना अधिकार मांगते हैं जब अन्न दाता सुबह से लेकर साम तक खून की तरह पसीना बहाता है तब देश की आम जनता का पेट भरता है लेकिन इस किसान के पेट में तब लात मारा जाता है जब यह खेती पैदा करने के लिए खाद मांगता है ?

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आखिर कब तक फटेहाल किसान को रौंदा जाता रहेगा? जय जवान जय किसान का नारा देने वाले तो अब इस दुनिया में नही रहे लेकिन इसी नारे के सहारे सरकार बनाने वाले इस अन्न दाता को रौद रहे हैं ?वह भी प्रशासन के सहारे, रीवा ही नही प्रदेश में खाद के लिए हाहाकार मचा हुआ है लेकिन सरकार के नुमाइंदे चुप्पी साधे बैठे हैं ?और किसान चीख रहा चिल्ला रहा है अपने लिए नही देश के हर उस व्यक्ति के लिए जो अन्न दाता के सहारे है? जन प्रतिनिधि से लेकर शासन और प्रशासन भी इन्हीं अन्न दाताओं पर निर्भर है यह सब जानते हैं लेकिन इनका इस्तेमाल किया जाता है ?और इन्हें इमोशनल ब्लैक मेल किया जाता है ?और यह सब नही जानते क्योंकि यह मिट्टी में खेती पैदा करने वाले मिट्टी की तरह पवित्र है ।

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जिले के करहिया मंडी में जिस तरह से किसानों के साथ दुर्व्यवहार प्रशासन द्वारा किया गया यह किसी से छिपा नही है और इस दुर्भाग्य के लिए आज से लेकर किसान की संतानें कब तक भुगतेंगी इसका जिम्मेदार शासन और प्रशासन ही हो सकता है?

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