Rewa news; सेमरिया तहसील में सुशासन तार-तार: सीमांकन के बदले15,000 की घूस, मना करने पर महिला पटवारी ने दी ‘फर्जी केस’ की धमकी बृद्ध ने लगाए गंभीर आरोप

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Rewa news; सीएम हेल्पलाइन 181 से शिकायत हटाने का बनाया जा रहा दबाव, हाथ में लाठी और आवेदन लिए कलेक्ट्रेट की चौखट पर न्याय की भीख मांग रहा बुजुर्ग किसान , मध्यप्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और सुशासन के दावों की धज्जियां उड़ाने वाला एक बेहद गंभीर मामला रीवा जिले की सेमरिया तहसील से सामने आया है। यहां एक लाचार, बुजुर्ग किसान अपनी ही पैतृक भूमि के सीमांकन के लिए हाथ में लाठी और शिकायती पत्र लेकर दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। पीड़ित बुजुर्ग ने सेमरिया तहसील के बाबू और हल्का पटवारी पर 15,000 की रिश्वत मांगने और पैसे न देने पर ‘पूरा रिकॉर्ड बर्बाद’ करने व ‘फर्जी मुकदमों’ में फंसाने की सनसनीखेज धमकी देने का आरोप लगाया है।

तहसीलदार का आदेश भी बेअसर

ग्राम पिपरा तहसील सेमरिया निवासी पीड़ित बुजुर्ग रामबहोर कुशवाहा पिता रामबिहारी कुशवाहा ने जिला कलेक्टर को सौंपे लिखित आवेदन में बताया कि उनकी पैतृक भूमि आराजी खसरा नंबर- 19, 17, 22, 77, 75, 18, 9) के सीमांकन के लिए स्वयं तहसीलदार सेमरिया ने आदेश क्रमांक 1623/आ का/तह. सेमरिया/2025 जारी किया था। लेकिन, हल्का पटवारी द्वारा इस अदालती आदेश को ठेंगे पर रखकर जानबूझकर सही सीमांकन नहीं किया जा रहा है।

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हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें

 

बुजुर्ग किसान का आरोप है कि सीमांकन रिपोर्ट तैयार करने और वर्ष 2017 का नक्शा उपलब्ध कराने के एवज में तहसीलदार के बाबू के जरिए और हल्का पटवारी रत्ना वर्मा द्वारा 15,000 की घूस मांगी जा रही है। पीड़ित ने जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो महिला पटवारी ने उसे सीधे तौर पर धमकाते हुए कहा, तुम्हारा पूरा रिकॉर्ड बर्बाद कर दूंगी और तुम्हें ऐसे झूठे मुकदमों में फंसा दूंगी कि बाहर नहीं निकल पाओगे।”

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ऑन-कैमरा छलका दर्द:

कलेक्ट्रेट परिसर में मीडिया के सामने सुबकते हुए बुजुर्ग रामबहोर ने कहाहमसे पंद्रह हजार रुपया मांग रहे हैं। बाबू और पटवारी साफ कहते हैं कि पहले ‘कहा-सुना’ मानो (रिश्वत दो), तभी आदेश करेंगे। एक गरीब किसान इतने पैसे कहां से लाएगा? ऊपर से पुलिस केस की धमकी दी जा रही है।

सीएम हेल्पलाइन बंद कराने की जिद

पटवारी की इस तानाशाही और प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित किसान ने सीएम हेल्पलाइन (181) पर गुहार लगाई थी। आरोप है कि अब पटवारी रत्ना वर्मा द्वारा शिकायत वापस लेने का भारी प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। पटवारी का दो टूक कहना है कि— जब तक 181 की शिकायत नहीं हटाओगे, तब तक मैं तुम्हारा कोई काम नहीं करूंगी।

थके-हारे और डरे हुए किसान ने जिला कलेक्टर से न्याय की भीख मांगते हुए अपनी भूमि का सही सीमांकन कराने तथा संपूर्ण नक्शा लाल स्याही से तरमीम* कर प्रदान करने की मांग की है। साथ ही पद का दुरुपयोग करने वाले भ्रष्ट कर्मचारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गुहार लगाई है।

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