Rewa news; रीवा जिले में घर-घर बिक रही शराब; ‘आप’ प्रवक्ता ने दी चेतावनी— 7 दिनों में कार्रवाई न होने पर होगा उग्र आंदोलन और चक्काजाम, हाई कोर्ट की निगरानी या सीबीआई जांच की मांग, मध्य प्रदेश के रीवा जिले में अवैध शराब और नशे के तेजी से फैलते नेटवर्क को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद शर्मा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान जिले के आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन पर सीधे और बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। प्रमोद शर्मा ने दावा किया कि रीवा में अवैध शराब (पैकारी) और नशीली दवाओं का धंधा एक सोचे-समझे सिंडिकेट के तहत फल-फूल रहा है, जिसे स्थानीय प्रशासन का खुला संरक्षण प्राप्त है।
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य रूप से जिला आबकारी अधिकारी की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया गया। ‘आप’ प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों पर नशे के अवैध कारोबार को रोकने का जिम्मा है, वे खुद बड़े शराब माफियाओं के साथ साठगांठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी बैंक गारंटी जैसे गंभीर मामलों में घिरे होने और कोर्ट से मिले स्टे की अवधि चार महीने पहले समाप्त हो जाने के बावजूद आबकारी अधिकारी का पद पर बने रहना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस महकमे पर सीधा हमला बोलते हुए प्रमोद शर्मा ने दावा किया कि रीवा में अवैध शराब की पैकारी को सुचारू रूप से चलाने के लिए रिश्वत का एक निश्चित पैमाना (महीने की बंधी रकम) तय है। उन्होंने शराब ठेकेदारों के हवाले से आरोप लगाया कि हर महीने पुलिस कप्तान से लेकर थाना प्रभारियों और स्थानीय चौकियों तक लाखों रुपये की अवैध रकम पहुंचाई जाती है, जिसके कारण इन अवैध ठिकानों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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प्रमोद ने आरोप लगाया कि जब कभी प्रशासन पर जनता या मीडिया का दबाव बढ़ता है, तो पुलिस शराब ठेकेदारों की आपसी सहमति से दिखावे के लिए केस दर्ज कर लेती है, जिसके लिए भी कथित तौर पर अलग से लेनदेन होता है। हालांकि, ‘आप’ द्वारा लगाए गए इन आर्थिक और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के आरोपों की अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीण अंचलों में घर-घर बिक रही शराब, युवा पीढ़ी खतरे में ग्रामीण अंचलों की दुर्दशा बयां करते हुए प्रवक्ता ने सिमरिया, बरौ, बीड़ा और सिरमौर जैसे क्षेत्रों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “इन इलाकों में हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि किराना और परचून की दुकानों तक से खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है। इस खुले नेटवर्क के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध और घरेलू हिंसा की घटनाओं में अप्रत्याशित बाढ़ आ गई है, जिससे स्थानीय युवाओं का भविष्य पूरी तरह अंधकार में डूब रहा है।” उन्होंने इस गंभीर विषय पर स्थानीय विधायकों और पूर्व जनप्रतिनिधियों की रहस्यमयी चुप्पी पर भी कड़ा ऐतराज जताया।
सात दिनों का अल्टीमेटम: उग्र आंदोलन की चेतावनी** प्रेस वार्ता के अंत में आम आदमी पार्टी ने जिला प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। प्रमोद शर्मा ने जनता से इस लड़ाई में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं अपनी टीम के साथ आगामी दिनों में गांव-गांव जाकर अवैध पैकारी को जनता के सहयोग से बंद करवाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संदिग्ध अधिकारियों पर कार्रवाई और अवैध अड्डों को बंद नहीं किया गया, तो पूरी आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्काजाम प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी। इस तीखे हमले के बाद अब पूरे रीवा जिले में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
