Virat kohli; क्रिकेट की दुनिया में रिकॉर्ड्स का एवरेस्ट खड़ा करने वाले विराट कोहली आज भी जब मैदान पर उतरते हैं, तो उनका जज्बा किसी युवा खिलाड़ी जैसा होता है। वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा 54 और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 85 शतकों का अविश्वसनीय कीर्तिमान रचने वाला यह खिलाड़ी आज भी हर गेंद को ऐसे खेलता है, जैसे वो उनके करियर की आखिरी गेंद हो। इसके बावजूद, अक्सर उनके भविष्य और टीम में उनकी जगह को लेकर सवालों का बवंडर खड़ा कर दिया जाता है। अब इन तमाम कयासों और सवालों पर खुद किंग कोहली ने बेहद कड़ा और बेबाक जवाब दिया है।
आरसीबी (RCB) के एक पॉडकास्ट में मशहूर क्रिकेट एंकर मयंती लैंगर के साथ बातचीत के दौरान विराट कोहली ने 2027 वर्ल्ड कप खेलने को लेकर अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। कोहली ने बिना किसी लाग-लपेट के सीधे शब्दों में कहा है कि वे देश के लिए सम्मान के साथ खेलना चाहते हैं, किसी के सामने खुद को साबित करने के लिए नहीं।
Virat kohli; खुद को साबित करने की जरूरत पड़ी, तो वो जगह मेरे लिए नहीं
जब मयंती लैंगर ने उनसे 2027 के वर्ल्ड कप को लेकर वो सवाल पूछा जो इस वक्त देश के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में है, तो विराट ने बेहद स्वाभिमानी और दमदार अंदाज में अपनी बात रखी। विराट ने कहा, “इस पर मेरी सोच बिल्कुल साफ है। अगर मैं जिस टीम का हिस्सा हूं, उसमें कोई वैल्यू (योगदान) जोड़ सकता हूं और अगर टीम मैनेजमेंट और माहौल को भी लगता है कि मेरा होना फायदेमंद है, तो ठीक है। लेकिन, अगर मुझे ऐसा महसूस कराया जाता है कि टीम में बने रहने के लिए मुझे खुद को साबित करना होगा, तो मैं उस स्पेस या मनःस्थिति में बिल्कुल नहीं हूं।”
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विराट का यह बयान उन आलोचकों के मुंह पर सीधा तमाचा है जो हर सीरीज के बाद उनकी फॉर्म और उम्र पर सवाल उठाने लगते हैं। कोहली ने साफ कर दिया है कि उनका आत्मसम्मान उनके खेल से बड़ा है और वे किसी भी कीमत पर टीम में केवल नाम के लिए या दबाव में रहकर नहीं खेलेंगे।
Virat kohli; मेरी मेहनत और ईमानदारी पर कोई उंगली नहीं उठा सकता
अपनी इस शर्त की ठोस वजह बताते हुए विराट कोहली ने कहा, “मैं अपनी तैयारी को लेकर हमेशा शत-प्रतिशत ईमानदार रहा हूं। खेल के प्रति मेरा रवैया बिल्कुल साफ है। मैं अपना सिर नीचे रखकर बेहद ईमानदारी से कठिन परिश्रम करता हूं। ईश्वर ने मुझे क्रिकेट में जो कुछ भी दिया है, मैं उसके लिए हमेशा आभार व्यक्त करता हूं। मैं जितनी मेहनत कर सकता हूं, उतनी करता हूं और खेल को सही तरीके से खेलने की कोशिश करता हूं।”
विराट की यह बातें साफ दर्शाती हैं कि जब एक खिलाड़ी अपनी तैयारी, फिटनेस और देश के लिए अपना सब कुछ झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ता, तो फिर उसे टीम में जगह पाने के लिए किसी ‘ट्रायल’ की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
Virat kohli; माराडोना जैसा जज्बा और खेल के प्रति बेपनाह प्यार
विराट कोहली का यह अंदाज फुटबॉल के महान जादूगर डिएगो माराडोना की याद दिलाता है, जो अपनी शर्तों पर जिए और अपनी शर्तों पर ही खेले। टीम इंडिया के लिए दो वर्ल्ड कप, दो चैंपियंस ट्रॉफी, अंडर-19 वर्ल्ड कप और आईपीएल का खिताब जीतने वाले कोहली आज जिस मुकाम पर हैं, वहां उन्हें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।
क्रिकेट के प्रति उनका समर्पण और बेपनाह प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। अब देखना यह होगा कि बीसीसीआई और चयनकर्ता किंग कोहली के इस स्वाभिमानी और दमदार संदेश को किस तरह लेते हैं, क्योंकि कोहली ने साफ कर दिया है कि 2027 वर्ल्ड कप में उनका बल्ला तभी गरजेगा जब उन्हें पूरा सम्मान और सही माहौल मिलेगा।
