Viral Video: ना प्रोटोकॉल, ना दिखावा… सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
Viral video; सीधी के कलेक्टर विकास मिश्रा की सादगी ने जीता लोगों का दिल, बिना सुरक्षा पार्क में बैठे दिखे IAS अधिकारी
मध्य प्रदेश के सीधी ज़िले में, एक IAS अधिकारी आजकल सुर्खियों में हैं। सिर्फ़ अपने प्रशासनिक फ़ैसलों की वजह से ही नहीं, बल्कि अपनी सादगी और आम लोगों के साथ अपने गहरे जुड़ाव की वजह से भी। सोशल मीडिया पर आजकल एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस वीडियो में, सीधी के कलेक्टर विकास मिश्रा को सीधी के पूजा पार्क में बैठे हुए देखा जा सकता है; वे बिल्कुल एक आम नागरिक की तरह लग रहे हैं। उनके साथ न तो कोई बड़ा प्रशासनिक अमला था, न ही कोई सुरक्षा दस्ता; और न ही उनमें कोई सरकारी शान-शौकत या दिखावा नज़र आ रहा था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह नज़ारा सीधी शहर के ही एक सार्वजनिक पार्क का है, जहाँ कलेक्टर विकास मिश्रा को कुछ देर तक अकेले बैठे हुए और अपने मोबाइल फ़ोन पर काम करते हुए देखा गया। हालाँकि पार्क में मौजूद कई लोगों ने उन्हें पहचान लिया था, लेकिन उनकी सहजता और सादगी भरे अंदाज़ ने उन्हें हैरान भी किया और बेहद प्रभावित भी।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो – Viral video
Instagram पर शेयर किए गए एक वीडियो में, कलेक्टर को बिना किसी औपचारिकता के पार्क की बेंच पर बैठे हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद, लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी सादगी की जमकर तारीफ़ की। कई यूज़र्स ने टिप्पणी की कि जहाँ आम तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ़ का एक बड़ा दल होता है, वहीं यहाँ का नज़ारा बिल्कुल अलग था।
वीडियो पर टिप्पणी करते हुए, कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे अधिकारी जनता के मन में विश्वास जगाते हैं। वहीं, कई स्थानीय निवासियों ने बताया कि कलेक्टर विकास मिश्रा अक्सर शहर के अलग-अलग हिस्सों में अचानक दौरे करते रहते हैं; कभी उन्हें बाज़ार में लोगों से बातचीत करते देखा जाता है, तो कभी वे खुद सार्वजनिक जगहों की स्थिति का जायज़ा लेते हैं।
आम लोगों से जुड़ाव बना रहा चर्चा का विषय Viral video
सीधी जिले में पिछले कुछ समय से विकास मिश्रा की कार्यशैली चर्चा में रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ लोगों से सीधे संवाद करने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि आम लोग उन्हें केवल एक अधिकारी नहीं बल्कि सहज और उपलब्ध प्रशासक के रूप में देखने लगे हैं।
कई नागरिकों का मानना है कि जब कोई अधिकारी बिना औपचारिक दूरी बनाए लोगों के बीच पहुंचता है, तो जनता अपनी समस्याएं भी खुलकर बता पाती है। इससे प्रशासन और जनता के बीच भरोसे का माहौल मजबूत होता है।
सादगी की तस्वीर क्यों बनती है खास?
आज के समय में जब सोशल मीडिया पर नेताओं और अधिकारियों की हाई-प्रोफाइल छवि अक्सर देखने को मिलती है, ऐसे में किसी वरिष्ठ अधिकारी का सामान्य तरीके से सार्वजनिक स्थान पर बैठना लोगों को अलग अनुभव देता है। यही वजह है कि यह वीडियो तेजी से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि प्रशासनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल अपने स्थान पर महत्वपूर्ण माने जाते हैं, लेकिन इस वीडियो ने लोगों के बीच यह संदेश जरूर दिया कि जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद सरल व्यवहार लोगों को प्रभावित करता है।
पहले भी अलग अंदाज में दिख चुके हैं कलेक्टर
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब विकास मिश्रा की सादगी चर्चा में आई हो। इससे पहले भी वे कई बार आम नागरिकों के बीच सामान्य तरीके से नजर आ चुके हैं। कभी सब्जी मंडी में निरीक्षण करते हुए तो कभी सड़क किनारे लोगों से सीधे बातचीत करते हुए उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते रहे हैं।
ऐसे कई मौके रहे जब उन्होंने बिना पूर्व सूचना के सार्वजनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इससे प्रशासनिक कामकाज की वास्तविक स्थिति समझने में भी मदद मिलती है।
सोशल मीडिया दौर में बदलती प्रशासनिक छवि
डिजिटल दौर में अब जनता केवल सरकारी आदेशों से नहीं, बल्कि अधिकारियों के व्यवहार और काम करने के तरीके से भी जुड़ाव महसूस करती है। यही कारण है कि किसी अधिकारी का मानवीय और सहज पक्ष लोगों तक तेजी से पहुंचता है।
सीधी कलेक्टर का यह वीडियो भी केवल एक वायरल क्लिप नहीं माना जा रहा, बल्कि लोग इसे प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने वाले उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। खासकर युवाओं के बीच इस वीडियो को काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
लोगों ने क्या कहा?
पार्क में मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें अंदाजा ही नहीं हुआ कि बेंच पर बैठे व्यक्ति जिले के कलेक्टर हैं। बाद में पहचान होने पर कई लोग उनके पास पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका व्यवहार बिल्कुल सामान्य था और उन्होंने किसी तरह की औपचारिकता नहीं दिखाई।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने लिखा कि बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी जमीन से जुड़े रहना आसान नहीं होता। कई यूजर्स ने इसे “जनता के बीच रहने वाला प्रशासन” बताया।
प्रशासनिक पद से ज्यादा इंसानी व्यवहार की चर्चा
सीधी में वायरल हुए इस वीडियो ने एक बार फिर यह दिखाया कि किसी भी अधिकारी की पहचान केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार से भी बनती है। विकास मिश्रा की सादगी लोगों को इसलिए प्रभावित कर रही है क्योंकि उन्होंने खुद को आम लोगों से अलग दिखाने की कोशिश नहीं की।
यही कारण है कि सीधी जिले में इन दिनों प्रशासनिक चर्चाओं के साथ-साथ एक IAS अधिकारी के सहज व्यक्तित्व की भी खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो लोगों के बीच लगातार शेयर किया जा रहा है और लोग इसे सकारात्मक प्रशासनिक छवि का उदाहरण बता रहे हैं। वीडियो देखने के लिए क्लिक करें
