Desi jugaad; खेत में खाद डालने का सबसे सस्ता तरीका? किसान का ये देसी जुगाड़ तेजी से हो रहा वायरल
Desi Jugaad: सोशल मीडिया पर एक किसान का देसी जुगाड़ तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने यूरिया की खाली बोरी को काटकर ऐसा बैग बना दिया जिससे खेतों में आसानी से खाद का छिड़काव किया जा सकता है। कम खर्च वाला यह तरीका किसानों को काफी पसंद आ रहा है।
भारत में सबसे मेहनत का काम खेती किसानी को माना जाता है। फसल लगाने से लेकर देखभाल तक काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिसमे खाद छिड़काव भी एक है। अक्सर खास छिड़काव के वक्त हाथ दुखने लगते है। लेकिन यहां किसान अपनी जरूरत के हिसाब से ऐसे-ऐसे जुगाड़ निकाल लेते हैं जिन्हें देखकर बड़े-बड़े लोग भी हैरान रह जाते हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसा ही एक देसी जुगाड़ तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने हजारों किसानों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
वीडियो में एक व्यक्ति यूरिया की पीली बोरी लेकर खेत में पहुंचता है। पहली नजर में देखने पर लगता है कि वह सामान्य बोरी लेकर आया है, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद वह उसी बोरी को एक खास तरीके से काटना शुरू कर देता है। धीरे-धीरे बोरी का आकार बदलने लगता है और आखिर में वह एक ऐसे थैले में बदल जाती है जिसे आसानी से शरीर पर पहनकर खेत में खाद का छिड़काव किया जा सकता है। यही वजह है कि यह वीडियो इंटरनेट पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
यूरिया की खाली बोरी से बना डाला खाद छिड़कने वाला बैग
वीडियो में देखा जा सकता है कि व्यक्ति सबसे पहले यूरिया की खाली प्लास्टिक बोरी लेता है। इसके बाद वह कैंची या ब्लेड की मदद से बोरी के ऊपरी हिस्से और किनारों को सावधानी से काटता है।
कुछ मिनटों की मेहनत के बाद वही बोरी एक टी-शर्ट जैसे आकार में बदल जाती है। खास बात यह है कि सामने की तरफ वह एक जेब जैसा हिस्सा तैयार करता है, जिसमें खाद भरी जा सकती है।
इसके बाद व्यक्ति उस थैले में खाद डालता है और खेत में चलते हुए हाथों से आसानी से खाद का छिड़काव करने लगता है। वीडियो में यह तरीका काफी आसान और कम खर्च वाला दिखाई देता है। क्योंकि बाजारों में ऐसी बोरिया 5 रुपए से 10 रूपये तक में मिल जाती है।
किसानों के लिए क्यों खास है यह Desi Jugaad ?
खेती में खाद डालना आसान काम नहीं होता। कई बार किसानों को बोरी हाथ में पकड़कर लंबे समय तक खेत में चलना पड़ता है, जिससे थकान बढ़ जाती है। वहीं कुछ छोटे किसान महंगे उपकरण खरीदने में सक्षम नहीं होते।
ऐसे में यह देसी जुगाड़ किसानों के लिए उपयोगी माना जा रहा है क्योंकि:
इसे बनाने में लगभग कोई खर्च नहीं आता
पुरानी यूरिया बोरी का दोबारा इस्तेमाल हो जाता है
खाद डालने में सुविधा मिलती है
हाथ फ्री रहने से खेत में चलना आसान होता है
छोटे किसानों के लिए यह किफायती तरीका साबित हो सकता हैग्रामीण इलाकों में अक्सर इसी तरह के छोटे-छोटे प्रयोग किसानों का काम आसान बना देते हैं।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा वीडियो Desi Jugaad
यह वीडियो यूट्यूब शॉर्ट्स पर अपलोड किया गया है, जहां इसे बड़ी संख्या में लोग देख रहे हैं। वीडियो पर कई यूजर्स ने किसान की तारीफ करते हुए कहा कि असली इनोवेशन गांवों में देखने को मिलता है।
कुछ लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा कि “जहां संसाधन कम होते हैं, वहीं सबसे बड़े जुगाड़ पैदा होते हैं।” वहीं कई किसानों ने इसे उपयोगी बताते हुए कहा कि वे भी इस तरीके को अपनाने की कोशिश करेंगे।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन वीडियो में दिखाया गया तरीका व्यावहारिक नजर आता है और कई ग्रामीण इलाकों में किसान इसी तरह के घरेलू उपाय अपनाते भी हैं।
खेती में देसी जुगाड़ की पुरानी परंपरा
भारत के गांवों में खेती से जुड़े देसी जुगाड़ कोई नई बात नहीं हैं। समय और जरूरत के हिसाब से किसान अपने अनुभव से ऐसे उपाय निकाल लेते हैं जो कम लागत में बड़ा काम कर जाते हैं।
कहीं बाइक को मिनी ट्रैक्टर बना दिया जाता है, तो कहीं पुरानी मोटर से सिंचाई मशीन तैयार हो जाती है। यही वजह है कि खेती से जुड़े देसी जुगाड़ वाले वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो जाते हैं, क्योंकि लोग उन्हें सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि “काम की जानकारी” के रूप में भी देखते हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खेती में कम लागत वाले उपाय छोटे किसानों के लिए मददगार साबित हो सकते हैं, लेकिन किसी भी जुगाड़ को अपनाने से पहले सुरक्षा और उपयोगिता का ध्यान रखना जरूरी है।
अगर खाद का छिड़काव सही तरीके से न किया जाए तो फसल पर असर पड़ सकता है। इसलिए किसानों को संतुलित मात्रा और सही तकनीक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
गांव की सोच, इंटरनेट पर पहचान
सोशल मीडिया ने गांवों के हुनर को नई पहचान दी है। पहले जो जुगाड़ सिर्फ गांव तक सीमित रहते थे, अब वही लाखों लोगों तक पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि देसी इनोवेशन वाले वीडियो आज इंटरनेट पर अलग जगह बना रहे हैं।
यूरिया की बोरी से बनाया गया यह साधारण सा खाद बैग भी इसी का उदाहरण माना जा रहा है। कम खर्च, आसान तरीका और खेती में उपयोग — इन तीन वजहों ने इस वीडियो को लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है।
Disclaimer
यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उसमें दिखाई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी खेती संबंधी तकनीक या जुगाड़ को अपनाने से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
