Sidhi News: गली-गली, खेत-खेत पहुंचे सीधी के नए कलेक्टर विकास मिश्रा, अपने खेत में अधिकारी को देख किसान हुए हैरान

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मध्य प्रदेश के सीधी जिले में नए कलेक्टर विकास मिश्रा ने बहुत ही कम समय में आम लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बना ली है। कुछ ही दिनों पहले उन्हें जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन पद संभालते ही उन्होंने जिस सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ काम शुरू किया, उसने लोगों का दिल जीत लिया है।

जिम्मेदारी मिलते ही कलेक्टर विकास मिश्रा ने दफ्तर तक सीमित रहने के बजाय सीधे गांवों का रुख किया। वे लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जनसुनवाई कर रहे हैं, लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर ही समाधान के निर्देश भी दे रहे हैं। इतना ही नहीं, वे खेतों में जाकर किसानों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास कर रहे हैं। इस तरह का जमीनी जुड़ाव आमतौर पर कम देखने को मिलता है, इसलिए जिले के लोग खुद को सम्मानित और सुना हुआ महसूस कर रहे हैं।

हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें

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सीधी कलेक्टर मिश्रा खेतों में कर रहे निरीक्षण

हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का सीधी जिले में औचक निरीक्षण हुआ था। इस दौरान कामकाज में लापरवाही सामने आई थी, जिसके बाद तत्कालीन कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को पद से हटा दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2013 बैच के आईएएस अधिकारी विकास मिश्रा को जिले की कमान सौंपी गई।

कलेक्टर बनने के बाद विकास मिश्रा ने दिन ही नहीं, बल्कि रात में भी गांवों का दौरा करना शुरू किया। वे देर रात गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधे बातचीत करते हैं और उनकी समस्याओं को सुनते हैं। इस पहल से लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा और बढ़ा है। शासन के निर्देशों का पालन करते हुए वे लगातार पूरे जिले में सक्रिय बने हुए हैं और हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

रबी सीजन के दौरान भी उनकी सक्रियता साफ नजर आई। हाल ही में उन्होंने तहसील गोपद बनास के ग्राम नौढिया का दौरा किया, जहां उन्होंने गेहूं की फसल कटाई की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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सीधी कलेक्टर मिश्रा खेतों नाप लेते हुए

कलेक्टर विकास मिश्रा की कार्यशैली पारंपरिक प्रशासनिक ढांचे से अलग दिखाई दे रही है। वे खुद को केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक जनसेवक के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। यही कारण है कि सीधी जिले के लोग उनसे काफी प्रसन्न हैं और सोशल मीडिया पर भी उनकी जमकर सराहना की जा रही है। उनकी सक्रियता और संवेदनशीलता प्रशासन और जनता के बीच मजबूत संबंध बनाने का एक सकारात्मक उदाहरण बन रही है।

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