Rewa news; रीवा: विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के बाईपास में ‘फ्रीजर’ से धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब, खाकी और आबकारी की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

Share With Others

Rewa news; प्रदेश सरकार द्वारा शराब ठेकेदारों को दुकानें आवंटित किए जाने के बावजूद रीवा शहर में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के बाईपास का है, जहाँ एक तीन मंजिला मकान के भीतर बकायदा ‘आइसक्रीम फ्रीजर’ रखकर धड़ल्ले से अवैध शराब बेची जा रही है। मीडियाकर्मियों द्वारा पहले भी इस गोरखधंधे का पर्दाफाश करते हुए खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की गई थीं, लेकिन इसके बावजूद शराब माफिया के हौसले पस्त होने का नाम नहीं ले रहे।

Rewa news; ठेकेदार का नाम और कैमरे में कैद सच

बाईपास पर स्थित इस ठिकाने से वायरल और सामने आए वीडियो में शराब बेचता युवक साफ़ नजर आ रहा है। स्थानीय सूत्रों और पूर्व में पुलिस कार्रवाई के दौरान पकड़े गए व्यक्ति के बयानों के अनुसार, यह अवैध बिक्री विनीत सिंह शराब ठेकेदार के नाम पर संचालित की जा रही है। आबकारी नियमों को दरकिनार कर खुलेआम इस तरह अवैध शराब बेचना प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें

Rewa newsसेमरिया पुलिस का नशे पर प्रहार जारी 2 अलग अलग मामलों में फरार आरोपी गिरफ्तार

Rewa news; पुलिस की ‘लीपापोती’ और गायब होती शराब!

इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय थाना पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है। बताया जाता है कि पिछली कार्रवाई के दौरान मौके से विश्वविद्यालय पुलिस ने लगभग 4 पेटी शराब करीब 52 लीटर से अधिक बरामद की थी। लेकिन हैरत की बात यह रही कि थाना प्रभारी की गैर मौजूदगी में की गई इस कागजी कार्रवाई में मात्र 2 पेटी लगभग 25 से 26 लीटर शराब ही सरकारी रिकॉर्ड में दिखाई गई।
बड़ा सवाल यह है कि आखिर 2 पेटी शराब कहाँ गायब हो गई?

 

Rewa news; पकड़ा गया आरोपी थाने से ही हुआ रिहा

मामला यहीं नहीं रुकता; वीडियो में शराब बेचता नजर आ रहा युवक, जिसे 4 पेटी शराब के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया था, उसे महज खानापूर्ति की कार्रवाई के बाद थाने से ही छोड़ दिया गया। इस तरह के ढुलमुल रवैये से शराब माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिस की दबिश के ठीक बाद भी अवैध शराब की बिक्री निर्बाध रूप से जारी है।

उठते गंभीर सवाल:

जब शासन ने ठेकेदारों को आधिकारिक दुकानें आवंटित की हैं, तो बाईपास पर रिहाइशी मकानों से ‘फ्रीजर’ में रखकर अवैध शराब बेचने की छूट क्यों और किसके संरक्षण में दी जा रही है?

https://www.facebook.com/share/v/1GRsm4neGh/

 

 

जब जब्ती में 4 पेटी शराब मिली थी, तो कागजों में केवल 2 पेटी दर्ज कर बाकी शराब कहाँ गायब कर दी गई
बार-बार नाम सामने आने के बावजूद संबंधित ठेकेदार और इस अवैध नेटवर्क के आकाओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?

Leave a Comment