Rewa news; रीवा जिले में सड़क निर्माण को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद गहरा गया है। एक पीड़ित ग्रामीण ने प्रशासन से लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि नई सड़क निर्माण के नाम पर उसके निजी कुएं को पाटने की साजिश रची जा रही है। पीड़ित का कहना है कि यह कुआं ही उसके परिवार के लिए पेयजल और निस्तार का एकमात्र सहारा है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित ग्रामीण कई वर्षों से शासकीय भूमि पर मकान बनाकर सपरिवार निवास कर रहा है। हाल ही में उसके घर के पास नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण होने के बाद गांव की पुरानी सड़क को बंद कर दिया गया है और अब नई सड़क बनाई जा रही है। आरोप है कि सड़क निर्माण में ग्रामीण का निजी कुआं रास्ते में आ रहा है, जिसे जानबूझकर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीण ने आरोप लगाया कि सड़क के बगल में ही पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध है। पटवारी द्वारा की गई नाप में भी वहां करीब 100 फीट जगह खाली चिन्हित है। इसके बावजूद सड़क को मोड़कर बनाने के बजाय सीधे कुएं को पाटने की कोशिश की जा रही है। बताया गया कि ग्राम सरपंच द्वारा मौके का निरीक्षण कर सड़क को दूसरी ओर से बनाने की सहमति भी दी गई थी, लेकिन जनपद सदस्य विकास चतुर्वेदी द्वारा व्यक्तिगत विरोध के चलते दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़ित का कहना है कि क्षेत्र के कुछ रसूखदार और प्रभावशाली व्यक्तियों को फायदा पहुंचाने तथा राजनीतिक द्वेष भावना के चलते उसे परेशान किया जा रहा है। बिना किसी लिखित नोटिस या सूचना के यह पूरी कार्रवाई की जा रही है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। पीड़ित ने बताया कि सरकारी नल योजना का पानी कभी आता है और कभी नहीं आता, ऐसे में यह कुआं ही पूरे परिवार की प्यास बुझाता है। पीड़ित ग्रामीण ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पेयजल के एकमात्र स्रोत कुएं को सुरक्षित रखने की मांग की है।
