ChequeBounceCase; रीवा चेक बाउंस के मामलों पर न्यायिक सख्ती का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी पन्ना नागेश की अदालत ने प्रकरण संख्या SCNIA856/2021 में अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी अजय पटेल को दोषी करार दिया है।
न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाने के साथ ही परिवादी को 6,30,000 रुपये की प्रतिकर राशि अदा करने का ऐतिहासिक आदेश दिया है।
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4 लाख के उधारी का था मामला; ChequeBounceCase
मामला, ग्राम बरों के निवासी ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने आरोपी अजय पटेल को उनकी आवश्यकता पर 4,00,000 रुपये उधार दिए थे। इस राशि की अदायगी के लिए आरोपी ने अपने खाते का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का चेक परिवादी को सौंपा था। परिवादी ने जब चेक बैंक में लगाया, तो वह खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली।

ChequeBounceCase;अधिवक्ताओं की दमदार पैरवी रंग लाई:
न्यायालय में विचारण के दौरान परिवादी ब्रजेंद्र सिंह की ओर से अधिवक्ता विक्रम सिंह एवं कृष्णेन्द्र सिंह सेंगर ने पैरवी की। दोनों कानूनविदों ने कोर्ट के समक्ष साक्ष्य और सुदृढ़ कानूनी तर्क प्रस्तुत कर आरोपी के दोष को सिद्ध किया। अदालत ने मामले की गंभीरता और दस्तावेजी सबूतों को स्वीकार करते हुए आरोपी अजय पटेल को जेल और जुर्माने की सख्त सजा से दंडित किया।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
