Amhiya marg: रीवा। शहर के अमहिया मार्ग चौड़ीकरण के दौरान हटाए गए अतिक्रमण के बाद अब जमीन हथियाने का नया विवाद सामने आया है। शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटने के बाद अब उस जमीन के नाम पर दूसरी निजी भूमियों पर कब्जा करने के प्रयास का आरोप लगा है। मामले में पीड़ित ने स्थानीय भू-माफियाओं और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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पीड़ित हरीश कुमार सहजवानी का आरोप है कि उनकी 1945 की खरीदी हुई रजिस्ट्रीशुदा निजी जमीन पर गुप्ता परिवार को ढाल बनाकर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित के अनुसार, कन्हैया लाल गुप्ता का खसरा नंबर 3546/1 शासकीय भूमि में दर्ज था, जिस पर बनी इमारत को प्रशासन ने नोटिस नंबर 140 देकर गिराया था। लेकिन अब उसी के एवज में उनकी निजी जमीन खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
Amhiya marg: रिकॉर्ड गायब करने का आरोप
पीड़ित ने दावा किया कि नगर निगम और राजस्व विभाग के संयुक्त जांच दल के दस्तावेजों में बड़ी जालसाजी की गई है। शिकायत सूची में नोटिस क्रमांक 139 और 141 का उल्लेख तो है, लेकिन साजिश के तहत नोटिस क्रमांक 140 की पूरी फाइल और रिकॉर्ड ही गायब कर दिया गया है।
Amhiya marg: कलेक्टर व मुख्य सचिव से शिकायत
पीड़ित हरीश कुमार ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले और फर्जीवाड़े के दस्तावेजों के साथ शिकायत कलेक्टर रीवा, नगर निगम और मुख्य सचिव को भेजी है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें निष्पक्ष न्याय नहीं मिला, तो वे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
