Flipkart Sale; फ्लिपकार्ट सेल का खेल: आईफोन 17 के ऑर्डर लगातार हो रहे कैंसिल, क्या सेल के नाम पर ग्राहकों से खेल

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Flipkart Sale; online शॉपिंग पोर्टल्स पर सेल का सीजन शुरू होते ही ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है। हर साल की तरह इस बार भी दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपनी सा ले ले सेल 2026 के जरिए बाजार में तहलका मचाने की कोशिश की है। विज्ञापनों में स्मार्टफोन, खासकर आईफोन पर भारी-भरकम डिस्काउंट और लुभावने ऑफर्स के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन सेल शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शिकायतों की बाढ़ आ गई है और ग्राहकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। मामला आईफोन 17 के ऑर्डर्स के बार-बार कैंसिल होने और ग्राहकों से वसूले जा रहे अतिरिक्त शुल्कों से जुड़ा है।

आमतौर पर किसी भी बड़ी सेल में यह उम्मीद की जाती है कि ग्राहकों को सुगम अनुभव मिलेगा, लेकिन फ्लिपकार्ट की इस सेल में वही पुराना ढर्रा देखने को मिल रहा है। ग्राहकों का आरोप है कि सेल में ऑफर्स तो बड़े-बड़े दिए गए हैं, लेकिन वे सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। जैसे ही कोई ग्राहक आईफोन 17 जैसे महंगे फोन का ऑर्डर प्लेस करता है, उसके कुछ ही समय बाद सेलर या कंपनी की तरफ से बिना किसी स्पष्ट कारण के ऑर्डर को रद्द कर दिया जाता है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब ग्राहक के बैंक अकाउंट से पूरी राशि पहले ही डेबिट हो चुकी होती है।

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सोशल मीडिया पर जैसमीन गुप्ता नामक एक यूजर ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एक नहीं बल्कि दो बार आईफोन 17 ऑर्डर किया। दोनों बार उनके खाते से पैसे कट गए, लेकिन फ्लिपकार्ट ने बिना कोई ठोस कारण बताए ऑर्डर कैंसिल कर दिया। इसी तरह सुनील मान नामक यूजर ने आईफोन 17 प्रो मॉडल चुना था। उनके मामले में सेलर ने पहली बार ऑर्डर के 9 घंटे बाद और दूसरी बार दोबारा ऑर्डर करने के 10 घंटे बाद उसे कैंसिल कर दिया। राहुल कोठारी और गणेश नायक जैसे दर्जनों ग्राहकों की कहानी भी कमोबेश ऐसी ही है। गणेश नायक के मामले में तो फोन शिप होने के बाद, यानी रास्ते में होने के दौरान कैंसिल कर दिया गया।

इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ा नुकसान ग्राहक का आर्थिक और मानसिक स्तर पर हो रहा है। जब कोई ऑर्डर कैंसिल होता है, तो रिफंड आने में अक्सर कई दिनों का समय लगता है। आराध्या नाम की एक ग्राहक ने बताया कि उनका ऑर्डर होल्ड पर चला गया है, जिसके कारण न तो उनके पास फोन है और न ही पैसे वापस आए हैं। ग्राहकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि जब तक उनका रिफंड वापस आएगा, तब तक सेल खत्म हो चुकी होगी और वे उस ऑफर का लाभ उठाने से चूक जाएंगे। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या कंपनियां जानबूझकर इन्वेंट्री न होने के बावजूद ऑर्डर्स ले रही हैं?

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सिर्फ ऑर्डर कैंसिलेशन ही समस्या नहीं है, बल्कि सेल के नाम पर लगाए जा रहे छिपे हुए शुल्क भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लिपकार्ट ग्राहकों से विभिन्न प्रकार के चार्जेस वसूल रहा है। इनमें ऑफर चार्जेस, डिस्काउंट चार्जेस और यहां तक कि बॉक्स पैकिंग चार्जेस भी शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि ये शुल्क मामूली नहीं हैं; कुछ ग्राहकों से 4500 रुपये तक के अतिरिक्त शुल्क मांगे जा रहे हैं। यह एक तरह का विरोधाभास है जहां एक तरफ डिस्काउंट देने का वादा किया जा रहा है और दूसरी तरफ अलग-अलग मदों में भारी वसूली की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सेल के इस मायाजाल से बचने के लिए ग्राहकों को अब सतर्क होने की जरूरत है। अक्सर ऑनलाइन सेल में मिलने वाले ऑफर्स इतने लुभावने होते हैं कि ग्राहक अन्य विकल्पों पर विचार नहीं करते। हालांकि, इस तरह के तकनीकी झोल और कैंसिलेशन की घटनाओं को देखते हुए अब ऑफलाइन मार्केट की अहमियत फिर से बढ़ रही है। ऑफलाइन स्टोर पर न केवल आपको सामान की तुरंत डिलीवरी मिलती है, बल्कि आप अपनी आंखों के सामने डिब्बा खुलवाकर प्रोडक्ट की जांच भी कर सकते हैं। वहां धोखाधड़ी या साबुन की बट्टी निकलने जैसी घटनाओं की आशंका न के बराबर होती है।

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अंततः, ई-कॉमर्स कंपनियों को अपनी पारदर्शिता और सर्विस क्वालिटी में सुधार करने की आवश्यकता है। अगर सेल के दौरान ग्राहक को सामान नहीं मिल पा रहा है या उसे अनावश्यक मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है, तो ऐसी सेल की साख पर सवाल उठना लाजिमी है। फिलहाल फ्लिपकार्ट की इस सेल को लेकर ग्राहकों का अनुभव काफी कड़वा रहा है और अब देखना यह होगा कि कंपनी इन शिकायतों पर क्या स्पष्टीकरण देती है।

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