Sidhi news; संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लोक रंगमंच (Folk Theater) के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध और कलात्मक योगदान के लिए सीधी जिले के ग्राम घुंघुटा (तहसील-रामपुर नैकिन) निवासी युवा रंगकर्मी और अभिनेता अमर द्विवेदी को इस वर्ष के प्रतिष्ठित ‘जूनियर फेलोशिप अवार्ड’ से नवाजा गया है। विंध्य क्षेत्र के ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर यह गौरवपूर्ण मुकाम हासिल करने से पूरे मध्य प्रदेश के कला जगत और उनके गृह जनपद में हर्ष का माहौल है।
सफलता के इस शिखर पर भीगीं आँखें, पिता को समर्पित की उपलब्धि
अमर द्विवेदी के लिए यह ऐतिहासिक सफलता जितनी गौरवपूर्ण है, उतनी ही भावुक करने वाली भी है। पिछले वर्ष सितंबर 2025 में अमर के पिता स्वर्गीय श्री संतोष द्विवेदी जी का स्वर्गवास हो गया था। पिता के असमय चले जाने के बाद जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजरते हुए अमर ने अपनी कला-साधना को टूटने नहीं दिया।
इस राष्ट्रीय सम्मान की घोषणा पर भावुक होते हुए अमर द्विवेदी ने कहा:
”आज इस खुशी के मौके पर पूज्य पिताजी की कमी मुझे सबसे ज्यादा खल रही है। यह अवार्ड मेरे दिवंगत पिता के त्याग, उनके संघर्षों और मेरी माता श्रीमती करुणा द्विवेदी के अनवरत सहयोग और आशीर्वाद का ही परिणाम है। आज मैं जहाँ भी हूँ, अपने बाबा जी श्री रेवती रमन द्विवेदी और नाना जी श्री हरीश प्रसाद मिश्र के दिए संस्कारों और उनके आशीर्वाद की बदौलत हूँ। यह सम्मान मेरे पूरे परिवार को समर्पित है।”
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रंगमंच की दुनिया में एक दशक का अनवरत सफर
अमर द्विवेदी सन् 2017 से लगातार रंगकर्म के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने रीवा की प्रसिद्ध नाट्य संस्था ‘मंडप सांस्कृतिक शिक्षा कला केन्द्र’ से जुड़कर रंग गुरु मनोज मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में शुरुआत की थी। कला के प्रति उनके गहरे समर्पण का ही परिणाम था कि वर्ष 2020 में उनका चयन देश के प्रतिष्ठित संस्थान मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय (MPSD), भोपाल में हुआ, जहाँ से उन्होंने अभिनय और रंगमंच की बारीकियों का एक वर्षीय सघन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
50 से अधिक नाटकों में अभिनय और दर्जनों का सफल निर्देशन
अमर द्विवेदी अब तक 50 से अधिक नाटकों में बतौर अभिनेता मंच पर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। अभिनय के साथ-साथ निर्देशन में भी उन्होंने ‘जैसा तुम कहो’, ‘अपने ही पुतले’, ‘धर्मयोद्धा’, ‘बहुत बड़ा सवाल’ और ‘तुलसी का संसार’ सहित दर्जनों नाटकों का सफल निर्देशन किया है। वे लगातार नाट्य कार्यशालाओं का संयोजन और संचालन कर नई प्रतिभाओं को तराशने का काम कर रहे हैं।
आकाशवाणी से लेकर राष्ट्रीय मंचों तक पहचान
अमर की कला का दायरा बेहद व्यापक है:
आकाशवाणी में सक्रियता: उन्होंने आकाशवाणी रीवा के ‘युववाणी’ कार्यक्रम से शुरुआत की थी और वर्तमान में आकाशवाणी भोपाल में आकस्मिक उद्घोषक (Casual Announcer) के रूप में कार्यरत हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी: सीसीआरटी (CCRT) दिल्ली द्वारा तैयार की गई ऐतिहासिक नाट्य प्रस्तुति ‘कुशल वीरांगना रानी दुर्गावती’ में वे लगातार देश के विभिन्न मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
अपनी माटी में रंगकर्म का प्रसार: वे ‘अमरवाणी नाट्य समिति, सीधी’ के संस्थापक सदस्य हैं और साल 2022 से लगातार इस संस्था का संचालन करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में थियेटर को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
साधना को मिला राष्ट्रीय सम्मान
अमर द्विवेदी की प्रतिभा को भारत सरकार पहले भी सराह चुकी है। इससे पहले उन्हें संस्कृति मंत्रालय द्वारा यंग आर्टिस्ट स्कॉलरशिप अवार्ड (2020-21) से सम्मानित किया जा चुका है। वे मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय की अध्ययन अनुदान योजना का हिस्सा भी रहे हैं। अब जूनियर फेलोशिप अवार्ड मिलना उनकी इसी कला-साधना पर राष्ट्रीय मुहर है।
कला जगत और क्षेत्र में खुशी की लहर
इस बड़ी उपलब्धि पर रेवतीरमन द्विवेदी, रमन द्विवेदी, द्वारिका द्विवेदी, हरीश प्रसाद मिश्र, प्रेमलाल मिश्र, प्रेमशंकर मिश्र, विद्या प्रकाश तिवारी, हनुमंत किशोर शर्मा, मनोज मिश्र, शैलेन्द्र द्विवेदी, विनोद मिश्र, विपुल सिंह, राजमणि तिवारी, सुधीर सिंह सहित विंध्य और मध्यप्रदेश के अन्य रंगकर्मियों, साहित्यकारों, रंग प्रेमियों और सहयोगियों ने अमर द्विवेदी और उनके परिवार को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी का मानना है कि विषम परिस्थितियों से लड़कर अमर ने जो मुकाम हासिल किया है, वह क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
