Rewa news: रीवा। शहर के सिरमौर चौराहा स्थित उर्रहट पी.के. स्कूल के समीप में मकान निर्माण व अवैध छज्जा निकालने को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ खूनी संघर्ष अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक युवती के साथ हुई बर्बर मारपीट का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद स्थानीय वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद कैप्टन एस.आर. नापित ने बयान जारी कर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। पार्षद ने साफ किया है कि वह किसी पक्षधरता के बजाय केवल सत्य के साथ खड़े हैं और पुलिस से निष्पक्ष व कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हैं।
हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें
मामला उर्रहट निवासी पीड़ित विनोद कुमार सेन और उनके पड़ोसी बनवारी लाल गुप्ता के बीच की पुस्तैनी व निर्माण भूमि के सीमांकन विवाद से जुड़ा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी बनवारी लाल गुप्ता बिना सीमांकन कराए और बिना रजिस्ट्री दिखाए 3 फीट का रास्ता दबाकर अवैध निर्माण कर रहे थे। दो बार स्टे मिलने और पुलिस को सूचना देने के बावजूद जब आरोपी पक्ष ने 7 फीट का अवैध छज्जा निकालना शुरू किया, तो पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया।
विरोध करने पर 16 अगस्त की सुबह आरोपी बनवारी लाल गुप्ता, उनके पुत्र अभिषेक गुप्ता, अमित गुप्ता, संगीता गुप्ता व अन्य ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। हमले में विनोद सेन की बेटी अंजली सेन बुरी तरह घायल हो गई, जिसकी आंख के पास कई टांके आए हैं और उसकी आंख की रोशनी पर भी संकट मंडरा रहा है।

Rewa news:पार्षद कैप्टन नापित ने कहा- बच्ची पर हमला अमानवीय, समाज पर पड़ रहा बुरा असर
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वार्ड 16 के पार्षद कैप्टन एस.आर. नापित ने मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। पार्षद ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया और वायरल वीडियो से मिली है।

वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया— “आधे दर्जन से अधिक लोग मिलकर एक असहाय बच्ची को पीट रहे हैं, उसके बाल खींच रहे हैं और ईंट-पत्थर से वार कर रहे हैं। यह पूरी तरह से गलत, निंदनीय और अमानवीय है। ऐसी घटनाओं का समाज पर बहुत बुरा असर पड़ता है।”
पक्षपात के आरोपों को किया खारिज, निष्पक्ष जांच की मांग
अपने ऊपर लग रहे पक्षपात के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कैप्टन एस.आर. नापित ने कहा, “मैं एक जनप्रतिनिधि हूं और मेरे लिए वार्ड का हर नागरिक बराबर है। पूर्व में जब पुलिस और पटवारी के समक्ष विवाद हुआ था, तब भी मैंने स्पष्ट कह दिया था कि मेरे लिए कोई रिश्तेदार या खास नहीं है। पार्षद के पास किसी का घर या दीवार तुड़वाने का कानूनी अधिकार नहीं होता। यदि कोई मुझसे ऐसी अनुचित उम्मीद रखकर नाराजगी जताता है, तो वह गलत है। मैं केवल सत्य का पक्षधर हूं।”
पार्षद ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्षता से गहराई से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो साक्ष्य मौजूद है, इसलिए एफआईआर के आधार पर घटना में शामिल सभी नामजद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्या
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
