Rewa News: रीवा कलेक्टर का बड़ा एक्शन; घोर लापरवाही पाए जाने पर निलंबित, आदेश जारी
रीवा में जनसुनवाई के दौरान सेमरिया तहसील में पदस्थ बाबू की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। जिसके बाद रीवा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने निलंबित कर दिया
रीवा जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आने के बाद कलेक्टर रीवा ने सख्त कार्रवाई की है। तहसील सेमरिया में पदस्थ सहायक वर्ग-03 (प्रवाचक) प्रशांत तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई राजस्व अभिलेखों में नामांतरण आदेश के अनुपालन में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद की गई है।
जनसुनवाई में यह शिकायत सामने आई कि न्यायालय तहसीलदार सेमरिया द्वारा पारित आदेश के बावजूद संबंधित भूमि का नामांतरण रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया, जिससे आवेदकगण को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हालाकि कि कलेक्टर ने दो बाबुओं को निलंबित किया था। एक का आदेश आ गया एक का आना बाकी है। 
मामले की पृष्ठभूमि: नामांतरण आदेश के बावजूद नहीं हुआ पालन
प्रकरण के अनुसार, ग्राम भमरा तहसील सेमरिया के निवासी मान सिंह, केबिल सिंह, उमेश सिंह और बबली सिंह द्वारा प्रस्तुत वारिसाना नामांतरण आवेदन पर न्यायालय तहसीलदार सेमरिया ने दिनांक 07 फरवरी 2026 को आदेश पारित किया था।
इस आदेश के तहत आ.नं. 495/2/1, 517/3/1 एवं 610 की भूमि का नामांतरण आवेदकगणों के पक्ष में स्वीकृत किया गया था। यह आदेश मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 10 एवं 110 के अंतर्गत पारित किया गया था।
इसके बावजूद संबंधित जिम्मेदार कर्मचारी द्वारा आदेश के अनुपालन में राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि नहीं की गई, जिससे सरकारी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
जनसुनवाई में खुली लापरवाही और शिकायत
दिनांक 05 मई 2026 को आयोजित जनसुनवाई में यह मामला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आदेश पारित होने के कई महीने बाद भी नामांतरण नहीं किया गया है, जिससे उन्हें कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर रीवा ने तत्काल संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रशांत तिवारी द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों का पालन नहीं किया गया और आदेश के अनुपालन में अनावश्यक विलंब किया गया।
कलेक्टर का सख्त एक्शन: तत्काल प्रभाव से निलंबन
जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर रीवा ने सहायक वर्ग-03 प्रशांत तिवारी को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारी द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई है, जो कि प्रशासनिक अनुशासन के विरुद्ध है।
निलंबन अवधि के दौरान प्रशांत तिवारी का मुख्यालय तहसील जवा, जिला रीवा नियत किया गया है। साथ ही उन्हें नियम अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर
कलेक्टर द्वारा की गई इस कार्रवाई को राजस्व विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि राजस्व रिकॉर्ड और जनहित से जुड़े मामलों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना मामला
रीवा जिले में यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों और आवेदकों का कहना है कि समय पर नामांतरण न होने से उन्हें कई प्रकार की कानूनी और व्यवहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
वहीं प्रशासनिक स्तर पर इस कार्रवाई को एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए।
