Mauganj News: सरपंच की शिकायत पर EOW की बड़ी कार्रवाई: ₹10 हजार रिश्वत लेते पंचायत सचिव गिरफ्तार, मऊगंज में मचा हड़कंप

Share With Others

Mauganj News today; मप्र के मऊगंज जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत बलभद्रगढ़ के सचिव शरद चंद्र गृह को ₹10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 14 मई को हनुमना जनपद क्षेत्र में की गई, जिसके बाद पंचायत विभाग और स्थानीय प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार मामला ग्राम पंचायत बलभद्रगढ़ का है, जहां पंचायत के विकास कार्यों के भुगतान और शासकीय राशि निकालने के एवज में सचिव द्वारा सरपंच से रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोप है कि सचिव लंबे समय से ₹10 हजार देने का दबाव बना रहा था। पंचायत के कार्यों में भुगतान रोककर बार-बार पैसे की मांग किए जाने से परेशान होकर सरपंच ने इसकी शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से की।

बताया जा रहा है कि शिकायत मिलने के बाद EOW की टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की। बुधवार 14 मई को जैसे ही सचिव ने रिश्वत की रकम ली, पहले से मौजूद EOW अधिकारियों ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी सचिव के हाथ धुलवाए गए, जिसमें रासायनिक परीक्षण में रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम उसे हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए रवाना हो गई।

हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें

See also  Rewa news: रीवा में खौफ का अंत: 'साइको क्रिमिनल' मनीष यादव सलाखों के पीछे, सुबह की सैर अब सुरक्षित!

इस कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में खलबली मच गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मऊगंज जिले में काफी लंबे समय बाद किसी पंचायत कर्मचारी पर इस तरह की ट्रैप कार्रवाई हुई है। यही वजह है कि पूरे जनपद क्षेत्र में इस मामले की चर्चा बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर कमीशनखोरी और अवैध वसूली की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं, लेकिन कार्रवाई कम होने के कारण भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पा रही थी।

ग्राम पंचायतों में सड़क, नाली, भवन निर्माण, पेयजल और अन्य विकास कार्यों के भुगतान में कथित तौर पर कमीशन मांगने के आरोप अक्सर लगते रहे हैं। कई बार सरपंच और जनप्रतिनिधि खुलकर शिकायत करने से बचते हैं, क्योंकि उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अड़चन आने का डर रहता है। हालांकि इस मामले में सरपंच द्वारा सीधे EOW तक शिकायत पहुंचाने के बाद कार्रवाई होना जिले में बड़ा संदेश माना जा रहा है।

See also  Rewa news: मुंबई की चकाचौंध में गुम हुआ रीवा का धनेश! सिक्योरिटी गार्ड का हिसाब क्या जिंदगी पर भारी पड़ा

स्थानीय नागरिकों ने EOW की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई होती रही तो सरकारी कार्यालयों में फैली रिश्वतखोरी पर काफी हद तक नियंत्रण लगाया जा सकता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पंचायत स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ता है, जिससे आम जनता को नुकसान उठाना पड़ता है।

प्रदेश सरकार लगातार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के दावे करती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर आए दिन रिश्वतखोरी के मामले सामने आते रहते हैं। पंचायत और राजस्व विभाग सबसे अधिक शिकायतों वाले विभागों में गिने जाते हैं। ऐसे में मऊगंज में हुई यह कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल भी खड़े कर रही है।

जानकारों का मानना है कि पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने और भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई होने से कर्मचारियों में भी डर का माहौल बनता है।

See also  Rewa News: रीवा कलेक्टर का सख्त एक्शन: 'कुर्सी तोड़' संस्कृति पर प्रहार, भड़के कर्मचारियों ने दी काम बंद हड़ताल की धमकी कलेक्टर ने कहा - नही बदलेगा हमारा रवैया काम तो करना पड़ेगा

फिलहाल EOW की टीम आरोपी सचिव से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि जांच में और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। जिले में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर पंचायतों में फैले भ्रष्टाचार के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

Leave a Comment