Rewa news; मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मड़वा ग्राम पंचायत की महिला सरपंच मुन्नी के पति ताज मोहम्मद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक के परिजनों ने दो युवतियों सहित पंचायत के वर्तमान व पूर्व सचिव पर साजिश के तहत जहर देकर हत्या करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। न्याय की गुहार लेकर पीड़ित परिवार ने रीवा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
Rewa news;प्लॉट देखने के बहाने बुलाया, फिर आई मौत की खबर
मृतक की बेटी भतीजी हीना बानो और बेटे मोहम्मद इकबाल द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार, यह पूरी घटना 21 मई 2026 की है। परिजनों का आरोप है कि घटना के दिन सुबह करीब 10:30 से दोपहर 2:00 बजे के बीच ताज मोहम्मद के मोबाइल पर रीवा की चिरहुला कॉलोनी आने के लिए लगातार फोन आ रहे थे। फोन करने वाली युवतियों ने उन्हें प्लॉट देखने के बहाने वहां बुलाया था। इसके बाद शाम करीब 4:00 से 4:30 बजे के बीच उन्हीं युवतियों ने मृतक के दामाद को फोन कर सूचना दी कि ताज मोहम्मद की तबीयत खराब हो गई है और उन्हें संजय गांधी अस्पताल ले जाया जा रहा है।
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जब तक परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक ताज मोहम्मद की मृत्यु हो चुकी थी और उनका शव मर्चुरी में रखवा दिया गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि से गहराया शक
परिजनो ने बताया कि युवतियों द्वारा परिजनों को चक्कर आने और तबीयत बिगड़ने की बात कही गई थी। मृतक की बेटी हीना बानो ने बताया कि उनके पिता पूरी तरह स्वस्थ थे। जब पिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो उसमें शरीर में जहर पाए जाने की पुष्टि हुई। इस रिपोर्ट के बाद परिजनों का संदेह यकीन में बदल गया है कि ताज मोहम्मद को किसी खाने-पीने की वस्तु में मिलाकर साजिश के तहत जहर दिया गया है।
राजनीतिक रंजिश और पंचायत के पूर्व सचिव पर साजिश का आरोप
महिला सरपंच मुन्नी द्वारा एसपी को दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक, इस हत्याकांड के पीछे गहरी राजनीतिक और प्रशासनिक रंजिश है। मड़वा की सरपंच महिला होने के कारण उनके पति ताज मोहम्मद पंचायत के विकास कार्यों में उनका सहयोग करते थे। पूर्व पंचायत सचिव अजय पाल सिंह पंचायत में अवैध कार्य करवाना चाहता था, जिसकी शिकायत सरपंच मुन्नी और उनके पति ने जनपद व जिला पंचायत में की थी। इस शिकायत के बाद सचिव अजय पाल सिंह का ट्रांसफर हो गया था।
आरोप है कि इसी रंजिश के चलते पूर्व सचिव अजय पाल सिंह और नीलेश त्रिपाठी नामक व्यक्ति लगातार सरपंच और उनके पति को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। परिजनों का सीधा आरोप है कि सचिव अजय पाल सिंह और नीलेश त्रिपाठी ने ही दोनों युवतियों (प्रीति और शानू) को मोहरा बनाकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया है। इसके अलावा गांव के कुछ अन्य विरोधियों पर भी इस साजिश में शामिल होने का अंदेशा जताया गया है।
