Rewa News: रीवा में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का बड़ा एक्शन! देर से पहुंचे कर्मचारी, कलेक्ट्रेट के बाहर लगी क्लास
Rewa News Today; रीवा जिले में प्रशासनिक अनुशासन को लेकर कड़ा संदेश देते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने आज सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट और जिला पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया इस दौरान देर से पहुंचने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सख्त क्लास लगाई है। कुछ दिन पहले ही जारी किए गए स्पष्ट आदेशों के बावजूद समय पालन में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और चेतावनी दी कि अब इस तरह की ढिलाई बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरअसल, हाल ही में कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया था कि अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहें। इसके साथ ही बिना सक्षम अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। इन आदेशों का उद्देश्य शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम जनता को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना था। लेकिन निरीक्षण और समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ कर्मचारी अब भी देर से पहुंच रहे हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा समय पर सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके इस उद्देश्य से जिला पंचायत कार्यालय एवं कलेक्ट्रेट कार्यालय का निरीक्षण कर देर से पहुंचने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को समझाइश दी तथा ई-एटेंडेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए
इसी को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी सेवा में समय की पाबंदी सबसे महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही सीधे तौर पर जनता के हितों को प्रभावित करती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी कर्मचारी समय पर उपस्थित हों।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जो कर्मचारी या अधिकारी लगातार आदेशों की अनदेखी करेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें वेतन कटौती से लेकर अन्य प्रशासनिक कदम भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी कार्यालयों में उपस्थिति रजिस्टर का नियमित निरीक्षण किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर आकस्मिक जांच भी की जाए।
इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। कई विभागों में समय पालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है और अधिकारी-कर्मचारी अब समय पर पहुंचने के लिए सतर्क नजर आ रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्ती से न केवल कार्यालयीन कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
कुल मिलाकर, कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस सख्ती का असर आने वाले दिनों में कितना स्थायी रहता है और अधिकारी-कर्मचारी समय पालन को कितनी गंभीरता से अपनाते हैं।
