रीवा सीधी मऊगंज के किसानों के खाते में डाले 2548 करोड़ रुपए, जनसंपर्क विभाग ने दी यह खुशखबरी
मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का काम तेजी से जारी है और इसका फायदा रीवा, सीधी और मऊगंज समेत प्रदेश के किसानों को भी मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के खातों में अब तक 2548 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है, जिससे खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी दोनों देखने को मिल रही है।
प्रदेश के जनसंपर्क विभाग के अनुसार अब तक 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। वहीं कुल खरीदी का आंकड़ा 19 लाख मीट्रिक टन से अधिक पहुंच गया है। इस बीच सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव भी किए हैं।
रीवा संभाग में तेज हुई खरीदी
रीवा संभाग के जिलों रीवा, सीधी और मऊगंज में उपार्जन केंद्रों पर गेहूं की तौल लगातार जारी है। बड़ी संख्या में किसान स्लॉट बुक कर अपनी उपज बेच रहे हैं और कई किसानों के खातों में भुगतान भी पहुंच चुका है। प्रशासन द्वारा व्यवस्था सुधारने के बाद केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन में भी सुधार देखने को मिल रहा है।
स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ी
किसानों की सुविधा को देखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 9 मई कर दिया है। इसके अलावा, अब प्रत्येक शनिवार को भी खरीदी और स्लॉट बुकिंग का कार्य जारी रहेगा, जिससे अधिक से अधिक किसान समय पर अपनी फसल बेच सकें।
किसानों को बड़ी राहत: गुणवत्ता मानकों में ढील
इस बार मौसम के प्रभाव को देखते हुए सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए गुणवत्ता (FAQ) मानकों में भी राहत दी है:
चमकविहीन गेहूं: 50% तक मान्य
सिकुड़े दाने: 10% तक
क्षतिग्रस्त दाने: 6% तक
इस निर्णय से रीवा, सीधी और मऊगंज के उन किसानों को विशेष राहत मिलेगी जिनकी फसल मौसम के कारण प्रभावित हुई है।
खरीदी प्रक्रिया तेज करने के लिए बढ़ाई गई क्षमता
उपार्जन केंद्रों पर किसानों की भीड़ कम करने और प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं:
प्रति केंद्र स्लॉट बुकिंग क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन
तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 प्रति केंद्र
इन बदलावों से किसानों को लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।
किसानों को मिल रहा बेहतर भाव
प्रदेश में इस बार गेहूं की खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिसमें
2585 रुपए समर्थन मूल्य (MSP)
40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस शामिल है
यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है।
सरकार का लक्ष्य और आगे की रणनीति
मध्यप्रदेश में इस बार गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
समय रहते स्लॉट बुक करें
उपज बेचने के लिए नजदीकी या सुविधाजनक केंद्र का चयन करें
भुगतान की स्थिति बैंक खाते में नियमित जांचते रहें
रीवा, सीधी और मऊगंज के किसानों के लिए इस बार गेहूं खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बनती दिख रही है। सरकार द्वारा किए गए बदलावों से न सिर्फ खरीदी की रफ्तार बढ़ी है, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से भी राहत मिल रही है।
