Rewa News: रीवा तीन बेटियों की शादी की तैयारी कर रहे पिता के अरमानो पर लगी आग, घर सहित समान जलकर खाक…
Rewa News today; जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बवैया से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां खेत में लगाई गई नरवाई की आग ने एक गरीब परिवार की पूरी जिंदगी को राख में बदल दिया। इस आगजनी में न सिर्फ एक मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गया, बल्कि परिवार की वर्षों की जमा पूंजी और सपने भी उसी आग में खत्म हो गए।
पीड़ित अशोक तिवारी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दो दिन पहले उनके घर से लगभग 2 किलोमीटर दूर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा खेत में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के लिए आग लगाई गई थी। शुरुआत में यह आग सामान्य लगी, लेकिन भीषण गर्मी और तेज हवाओं ने इसे विकराल रूप दे दिया। धीरे-धीरे आग की लपटें फैलती हुई उनके घर के पीछे तक पहुंच गईं।
अशोक तिवारी के मुताबिक, जब तक उन्हें आग के खतरे का अंदेशा हुआ और वे इसे बुझाने की कोशिश करते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तेज हवाओं के कारण आग ने अचानक भयानक रूप ले लिया और देखते ही देखते उनका पूरा घर इसकी चपेट में आ गया। कुछ ही पलों में घर में रखा सारा सामान, कपड़े, बर्तन, अनाज, फर्नीचर और जरूरी दस्तावेज जलकर राख हो गए।
सबसे दुखद पहलू यह रहा कि आग लगने के बाद दोपहर करीब 12 बजे पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन शाम 5 बजे तक कोई भी सहायता मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस दौरान गांव के लोग ही एकजुट होकर अपने स्तर पर आग बुझाने में जुटे रहे। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय रहते दमकल या प्रशासन की मदद मिल जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। लेकिन राहत और बचाव कार्य में हुई देरी ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।
पीड़ित अशोक तिवारी ने बताया कि उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। वे अपनी बेटियों की शादी के लिए धीरे-धीरे गृहस्थी का सामान इकट्ठा कर रहे थे। सालों की मेहनत और बचत से जो कुछ जोड़ा था, वह सब इस आग में जलकर खत्म हो गया। अब उनके सामने न सिर्फ रहने की समस्या है, बल्कि बच्चों के भविष्य को लेकर भी बड़ी चिंता खड़ी हो गई है।
इस हादसे के बाद पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। खाने-पीने तक की समस्या खड़ी हो गई है और परिवार दाने-दाने को मोहताज हो चुका है। पीड़ित ने प्रशासन से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग की है, ताकि वे फिर से अपनी जिंदगी को पटरी पर ला सकें।
साथ ही उन्होंने आम जनता और समाजसेवियों से भी मदद की अपील की है। गांव के लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में तुरंत सहायता पहुंचाई जाए और नरवाई जलाने पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक लापरवाही और देरी के कारण गरीब परिवारों की जिंदगी यूं ही उजड़ती रहेगी। जरूरत है कि प्रशासन समय रहते सतर्क हो और ऐसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करे।
