Mp news:हेड कांस्टेबल राजेश वर्मा पर गंभीर आरोप, कथित अवैध वसूली और संपत्ति की जांच की मांग

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Mp news: मंदसौर / भोपाल मध्य प्रदेश परिवहन विभाग में कथित अवैध वसूली और चेक पोस्ट संचालन को लेकर हेड कांस्टेबल राजेश वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रीवा के त्योंथर निवासी कमांडो अरुण गौतम ने परिवहन मंत्री एवं ट्रांसपोर्ट कमिश्नर उमेश जोगा से मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

कमांडो अरुण गौतम के आरोपों के अनुसार, RTO चेक पोस्टों पर राजेश बर्मा द्वारा कुछ निजी व्यक्तियों को कथित तौर पर “कटर” के रूप में रखा गया है। इनमें मनोहर, अकरम, विनोद, धर्मेंद्र सिंह, पठान, सोबाग और योगेश सैनी के नाम बताए गए हैं। आरोप है कि ये लोग वाहन चालकों से कथित रूप से मारपीट और दबाव बनाकर पैसे की वसूली करते हैं। इसके अलावा बैरियर संचालन के लिए दुर्गेश सहित अन्य लोगों को लगाए जाने का भी दावा किया गया है।

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आरोप यह भी है कि चार नगर सैनिकों की तैनाती इस तरह की गई है कि यदि कोई चालक कथित वसूली का विरोध करता है तो उसके खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए उनका इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि सभी इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

Mp news; रात में कथित चेकिंग और वसूली का आरोप

कमांडो अरुण गौतम ने आरोप लगाया कि मंदसौर में चिन्हित चेक पॉइंट से हटकर आरटीओ कार्यालय के सामने रात करीब 3 बजे से सुबह 4:30 बजे तक RTO वाहन लगाकर कथित रूप से अवैध वसूली की जाती है। उनके अनुसार, प्रति वाहन करीब 2,000 रुपये लिए जाने और प्रतिदिन लगभग 90,000 रुपये की कथित वसूली का दावा किया गया है।इतना ही नहीं राजस्थान इलाके में भी रात में जा कर अवैद्य वसूली किए जाने का दावा किया गया है आरोप है कि इनका प्रति दिन दो लाख रुपए विभाग के आँख में धूल डालकर अवैद्य कमाई करना है l इन आरोपों की जांच संबंधित विभाग द्वारा रिकॉर्ड, CCTV, वाहन लॉग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा सकती है।

Mp news; संपत्ति को लेकर भी उठे सवाल

अरुण गौतम ने राजेश बर्मा की कथित संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों की भी जांच की मांग की है। उनके द्वारा लगाए गए आरोपों में महू/इंदौर में तीन स्कूल, अहमदाबाद में एक स्कूल, इंदौर और महू में मकान, दो नई स्कॉर्पियो, स्विफ्ट डिजायर, एक आर्मी थार, बोलेरो, दो बाइक और चार स्कूल बसों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इनमें से कुछ संपत्तियां या वाहन परिवार के सदस्यों के नाम पर हैं।

साथ ही, गोपाल बर्मा नामक एक निजी व्यक्ति द्वारा राजेश बर्मा के घर से लेकर RTO से जुड़े कथित कारोबार को संभालने का आरोप भी लगाया गया है। इन सभी दावों की पुष्टि राजस्व, परिवहन, संपत्ति एवं आयकर संबंधी रिकॉर्ड से की जानी आवश्यक है।

Mp news: सिर्फ आरोप नहीं, रिकॉर्ड की जांच हो”

कमांडो अरुण गौतम ने कहा कि यदि लगाए गए आरोप गलत हैं तो विभागीय जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी, लेकिन यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि राजेश बर्मा की आय, संपत्ति, चेक पोस्ट तैनाती, वाहन लॉग, CCTV फुटेज और कथित वसूली नेटवर्क की स्वतंत्र जांच कराई जाए।

उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में पहले सामने आए भ्रष्टाचार के मामलों के बाद अब राजेश बर्मा पर लगे आरोपों की भी गंभीरता से जांच जरूरी है। हालांकि, उन्हें किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले सक्षम जांच एजेंसी द्वारा आरोपों की पुष्टि करना आवश्यक है। राज्य सरकार और परिवहन विभाग से अब सवाल है कि क्या इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविकता सामने लाई जाएगी?

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