DATIYA NEWS; मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रशासनिक कार्यशैली का एक ऐसा मानवीय और प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर आम जनता के दिलों तक गहरी छाप छोड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के “प्रशासन गांव की ओर” के निर्देशों पर अमल करते हुए दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने ग्राम बीकर का दौरा किया।
यह दौरा केवल शासकीय फाइलों के औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों शीर्ष अधिकारियों ने पूरी रात गांव में ही बिताई।
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DATIYA न्यूज़; एक बुजुर्ग का न्योता और कलेक्टर-एसपी का आत्मीय फैसला
इस पूरी कहानी के पीछे एक बेहद दिलचस्प और भावुक कर देने वाला किस्सा है। दरअसल, गांव के ही एक बुजुर्ग रात करीब 10 बजे अपने पोते के जन्मदिन का न्योता देने के लिए अधिकारियों के पास पहुंचे। अधिकारियों ने न केवल बुजुर्ग का मान रखा, बल्कि तत्काल खुद कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला किया। कलेक्टर और एसपी ने रात में ही बच्चे का जन्मदिन मनाया, जिससे पूरा परिवार और ग्रामीण अभिभूत हो उठे।
DATIYA NEWS; चौपाल लगाकर सुनी जनसमस्याएं, मौके पर ही किया निराकरण
रात्रि के समय अधिकारियों ने गांव में ही ‘रात्रि चौपाल’ का आयोजन किया। इस चौपाल में गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने अपनी बुनियादी समस्याओं जैसे- पानी, बिजली, सड़क, पीएम आवास और राशन की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों को अधिकारियों के सामने रखा। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कई शिकायतों का निपटारा मौके पर ही कर अधिकारियों को निर्देशित किया। वहीं एसपी ने सुरक्षा, कानून व्यवस्था और बच्चों को शिक्षा व अनुशासन के प्रति जागरूक किया।
DATIYA NEWS; खुले आसमान के नीचे खटिया पर गुजारी रात
रात अधिक होने पर जब ग्रामीणों ने अधिकारियों के लिए वीआईपी या आरामदायक व्यवस्था करनी चाही, तो कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और एसपी सूरज कुमार वर्मा ने बेहद सादगी से मना कर दिया। दोनों अधिकारियों ने खुले आसमान के नीचे बिछी लकड़ी की साधारण खटिया पर ही रात गुजारने का फैसला किया।
सुबह जब ग्रामीणों ने अपने जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी को अपने बीच साधारण खटिया पर सोते और जागते देखा, तो उनकी सादगी ने हर किसी का दिल जीत लिया।
DATIYA NEWS; सुबह उठकर पैदल घूमे और छोटे दुकानदारों से की बात
सुबह उठने के बाद अधिकारियों का कारवां रुका नहीं। कलेक्टर और एसपी ने ग्राम बीकर का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय मंदिर में दर्शन किए, प्राथमिक विद्यालयों का जायजा लिया और सड़क किनारे सब्जी बेचने वाले छोटे दुकानदारों व स्थानीय किसानों से उनकी समस्याओं और चुनौतियों के बारे में बात की।
DATIYA NEWS; जनता और प्रशासन के बीच टूटती दूरियां
दतिया प्रशासन की इस मानवीय और जमीन से जुड़ी पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि अधिकारी वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर सीधे जमीन पर उतरें, तो न केवल व्यवस्थाएं सुधरती हैं बल्कि जनता के मन में सरकार और कानून के प्रति विश्वास भी कई गुना बढ़ जाता है। दतिया कलेक्टर और एसपी द्वारा बीकर गांव में बिताई गई यह रात आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण का एक जीवंत और बेहतरीन उदाहरण है। यह अनूठी पहल यह संदेश देती है कि “प्रशासन अब केवल आदेश देने के लिए नहीं, बल्कि जनता की तकलीफों में साझीदार बनने के लिए है।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।

