Mp news: रीवा में कब जागेगा प्रशासन सागर में 15 मौतों के बाद भी चोरहटा अगडाल में ‘जय महाकाल ग्रुप’ की शह पर धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब! चोरहटा नहर से लेकर बिटीएल फैक्ट्री व बेला तक फैला अवैध शराब का कारोबार

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Mp news: बेला अगडाल , चोरहटा नहर, विटीएल फैक्ट्री में काउंटर खोलकर बिक रही शराब, वायरल वीडियो क्या पुलिस की सरपरस्ती में फल-फूल रहा यह ‘मौत का कारोबार’

रीवा। अभी चंद दिनों पहले मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 15 से अधिक बेगुनाहों की जानें चली गईं और 40 से ज्यादा लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। पूरा प्रदेश इस खौफनाक त्रासदी से सिहर उठा है, लेकिन रीवा का आबकारी महकमा और चोरहटा थाना पुलिस
शायद रीवा में भी किसी ऐसे ही भयानक ‘नरसंहार’ का इंतजार कर रही है।
चोरहटा थाना क्षेत्र के बेला अगडाल , चोरहटा नहर विटीएल फैक्ट्री के समीप अवैध शराब के फलते-फूलते नेटवर्क का एक सनसनीखेज और करारा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने रीवा पुलिस के अपराध मुक्त जिला और कानून व्यवस्था के खोखले दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं।
काउंटर खोलकर सरेआम बिक्री, कानून का कोई खौफ नहीं
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बेला अगडाल के पास एक अवैध ठिकाने से धड़ल्ले से ब्रांडेड और देसी शराब बेची जा रही है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के अनुसार, यह पूरा अवैध कारोबार शराब ठेकेदार ‘जय महाकाल ग्रुप’ सुनील सिंह के संरक्षण में चलाया जा रहा है।
वीडियो में जो शख्स अवैध रूप से पैकेट और बोतलें थमाता और पैसे वसूलता दिखाई दे रहा है, वह शराब ठेकेदार सुनील सिंह का खास गुर्गा बताया जा रहा है।

हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें

सवाल यह उठता है कि जब शराब ठेके की सीमाएं और नियम तय हैं, तो फिर गांवों और चौराहों पर इन गुर्गों को अवैध ‘मिनी-ठेके’ चलाने की खुली छूट किसने दी?

चोरहटा पुलिस की चुप्पी: नाकामी या ‘मौन सहमति’?

बेला अगडाल और आसपास के इलाकों में अवैध शराब की बिक्री कोई नई बात नहीं है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चोरहटा पुलिस को इन अवैध ठिकानों और ‘जय महाकाल ग्रुप’ की समानांतर गतिविधियों की पूरी जानकारी है।

जब कोई आम नागरिक शिकायत करता है, तो पुलिस टालमटोल कर देती है। ठेकेदार के गुंडे इतने बेखौफ हैं कि विरोध करने वालों को धमकाते हैं। ऐसा लगता है जैसे खाकी ने शराब माफिया के आगे घुटने टेक दिए हैं या फिर महीने का ‘हिस्सा’ सही समय पर पहुँच रहा है। स्थानीय आक्रोशित निवासी नाम न छापने की शर्त पर वीडियो उपलब्ध कराया।

सागर में हुए दर्दनाक शराब कांड के बाद मुख्यमंत्री और गृह विभाग के सख्त निर्देशों के बावजूद रीवा के चोरहटा में पुलिस और आबकारी अमला ‘कुंभकर्णी नींद’ सोया हुआ है।

क्या रीवा में भी दोहराई जाएगी सागर जैसी त्रासदी सागर जिले में उत्तर प्रदेश और अवैध नेटवर्क से आई जहरीली शराब ने कई परिवारों के चिराग बुझा दिए। रीवा के सीमावर्ती इलाकों में जिस तरह से बिना किसी जांच-परख के अवैध पैकारियों पर शराब सप्लाई की जा रही है, उससे किसी भी दिन नकली या जहरीली शराब की बड़ी खेप लोगों की बलि ले सकती है। अगर समय रहते इन अवैध अड्डों और ठेकेदार के इन बेखौफ गुर्गों पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो रीवा में होने वाली किसी भी बड़ी अनहोनी की पूरी जिम्मेदारी चोरहटा पुलिस प्रशासन और जिला आबकारी विभाग की होगी।

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