मऊगंज हनी ट्रैप कांड: पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को फंसाकर बनाया अश्लील वीडियो, 5 लाख की ब्लैकमेलिंग़ पति-पत्नी फरार

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एमपी के मऊगंज जिले से एक सनसनीखेज हनी ट्रैप का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को सुनियोजित साजिश के तहत फंसाकर उनका अश्लील वीडियो बनाया गया और बाद में 5 लाख रुपए की मांग कर ब्लैकमेल किया गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला और उसके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है, जबकि दोनों फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। हालाकि कुछ दिन पहले महिला ने कथित उस वीडियो को AI जनरेटेड फेक वीडियो बताया था और व्यूज के लिए ऐसा किया था।

नशा देकर बनाया गया वीडियो, फिर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी दंपती ने पहले नेता से संपर्क स्थापित किया और फिर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। बताया जा रहा है कि महिला ने पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को नशा दिया, जिसके बाद उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए और इस पूरी घटना को गुप्त कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया गया।

इसके बाद आरोपी दंपती ने वीडियो के आधार पर नेता को ब्लैकमेल करना शुरू किया और उनसे 5 लाख रुपए की मांग की। जब पीड़ित ने रकम देने से इनकार किया, तो वीडियो को वायरल करने की धमकी दी गई।

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सोशल मीडिया पर शेयर किया गया स्क्रीनशॉट

मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब 17 अप्रैल को आरोपी महिला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वीडियो का एक स्क्रीनशॉट साझा कर दिया। इसके बाद यह मामला तेजी से फैल गया और चर्चा का विषय बन गया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच शुरू की गई। एसडीओपी सचि पाठक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज करवाई और जांच टीम गठित की गई।

कैफे से शुरू हुई पहचान, वहीं रची गई साजिश

जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला पुलिस कंट्रोल रूम के सामने एक कैफे संचालित करती थी। इस कैफे का उद्घाटन 25 दिसंबर को हुआ था, हालांकि यह फरवरी में ही बंद कर दिया गया।

इसी कैफे में आने-जाने के दौरान महिला की पहचान पूर्व जनपद उपाध्यक्ष से हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और फिर आरोपी दंपती ने मिलकर उन्हें फंसाने की योजना बनाई।

सूत्रों के मुताबिक, कैफे या किसी अन्य स्थान पर स्पाई कैमरा लगाकर पूरी घटना की रिकॉर्डिंग की गई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कैमरा कहां और कैसे लगाया गया था, और इस पूरे षड्यंत्र में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

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लग्जरी लाइफ की चाहत में बना ब्लैकमेलिंग रैकेट

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी महिला एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती है, लेकिन वह हाई प्रोफाइल और लग्जरी लाइफ जीने की इच्छा रखती थी। इसी वजह से उसने अपने पति के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग का यह रैकेट खड़ा किया।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी दंपती ने केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि इलाके के कई रसूखदार लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। उन्होंने ठेकेदारों, नेताओं, व्यापारियों और सरकारी अधिकारियों की एक टारगेट लिस्ट तैयार कर रखी थी, जिन्हें फंसाकर पैसे ऐंठने का इरादा था।

पुलिस की कार्रवाई जारी, आरोपियों की तलाश तेज

मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला और उसके पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपी फरार हैं।

पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। साथ ही, इस मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भी जांच की जा रही है।

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कई और खुलासों की आशंका

जांच अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। जिस तरह से टारगेट लिस्ट और सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया, उससे यह संकेत मिलते हैं कि यह एक संगठित रैकेट हो सकता है।

पुलिस अब आरोपी दंपती के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच करने की तैयारी में है, जिससे इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

समाज और राजनीति में मचा हड़कंप

इस घटना के सामने आने के बाद मऊगंज जिले में हड़कंप की स्थिति है। राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। वहीं, आम लोग भी इस तरह के मामलों को लेकर सतर्क रहने की बात कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि हनी ट्रैप जैसे मामलों में लोगों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ निजी संबंध बनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।

यह पूरा मामला फिलहाल जांच के दायरे में है और कई तथ्य अभी सामने आना बाकी हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

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