Aap; आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट राजीव सिंह परिहार (शेरा सिंह) ने केंद्र और राज्य की सत्तासीन बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके समर्थक अपनी राजनीतिक पार्टी को देश और जनहित से भी बड़ा मानने लगे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है।
प्रवक्ता परिहार ने कहा कि वर्तमान में केंद्र और राज्यों की बीजेपी सरकारें तानाशाही रवैये पर उतर आई हैं। देश की तमाम स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएं सरकार के दबाव में काम कर रही हैं और जनता को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई हैं।
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Aap;सड़कों पर उतरने को मजबूर जनता
‘आप’ प्रवक्ता ने कहा कि आज देश का आम नागरिक रोजगार, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और न्याय जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर है। लेकिन संवेदनहीन सरकार जनसमस्याओं का समाधान करने के बजाय आवाज उठाने वाले नागरिकों को किसी न किसी राजनीतिक दल से जोड़कर उनकी वास्तविक पीड़ा को नजरअंदाज कर देती है।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का कर्तव्य पूरे देश का विकास करना होता है, लेकिन बीजेपी सरकार केवल अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के हितों को साधने में लगी है। अगर कोई नागरिक देश हित में सरकार की गलत नीतियों का विरोध करता है, तो बीजेपी समर्थक देश हित को पीछे छोड़कर पार्टी हित को आगे कर देते हैं।
लोकतंत्र का मूलभूत सिद्धांत यह है कि सरकार किसी एक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश और उसके हर नागरिक की होती है। लेकिन दुर्भाग्यवश, वर्तमान में केंद्र और विभिन्न राज्यों में सत्तासीन बीजेपी सरकार का कार्यशैली यह दर्शाती है कि उनके लिए पार्टी हित, देश और जनता के हित से ऊपर हो चुका है।
आज देश की स्थिति यह है कि स्वतंत्र संवैधानिक इकाइयां और संस्थाएं निष्पक्ष रूप से काम करने के बजाय सत्ता के अधीन होकर बेकाबू नजर आ रही हैं। जो संस्थाएं जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाई गई थीं, वे आज जनसामान्य को सुविधाएं और न्याय दिलाने में विफल साबित हो रही हैं।
परिणामस्वरूप, देश का आम नागरिक—चाहे वह रोजगार की तलाश करता युवा हो, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए संघर्ष करता परिवार हो, या न्याय की गुहार लगाता पीड़ित—सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर है।
दुखद पहलू यह है कि जब आम जनमानस अपनी वास्तविक पीड़ा लेकर सड़कों पर आता है, तो सरकार उनकी समस्याओं को सुनने और सुलझाने के बजाय उस पर राजनीति का ठप्पा लगा देती है। आंदोलनकारियों को किसी विरोधी दल से जोड़कर उनकी जायज मांगों को खारिज कर देना सरकार की आदत बन चुकी है।

किसी भी देश के उत्थान के लिए यह आवश्यक है कि सरकार निष्पक्ष होकर सभी के विकास के लिए काम करे। लेकिन वर्तमान व्यवस्था में सरकार की प्राथमिकता सिर्फ अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं तक सीमित होकर रह गई है।
इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि जब कोई जागरूक नागरिक देश के मान-सम्मान और जनहित की रक्षा के लिए सरकार की गलत नीतियों की खिलाफत करता है, तो बीजेपी समर्थक देशहित को भूलकर अपनी पार्टी के बचाव में खड़े हो जाते हैं।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
