Ucc bil; MP विधानसभा में ऐतिहासिक मोड़: UCC बिल पास होते ही ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंजा सदन

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Icc bil; मध्य प्रदेश की राजनीति और विधानसभा के इतिहास में आज का दिन एक ऐतिहासिक और स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाला अध्याय बन गया। लंबे समय से प्रतीक्षित समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक भारी हंगामे और विपक्ष के पुरजोर विरोध के बीच आखिरकार विधानसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया।

विधेयक के पास होते ही पूरा सदन “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर “जय श्री राम” का उद्घोष किया, जिसने पूरे सदन के माहौल को सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना की नई ऊर्जा से भर दिया।

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Ucc bil; जो हिंदू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा”

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया।
“कांग्रेस लंबे समय से मुस्लिम तुष्टीकरण का खेल खेलती आ रही है। यही वजह है कि वह UCC जैसी राष्ट्रहित की ऐतिहासिक पहल का भी विरोध कर रही है। कांग्रेस हर मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम के चश्मे से देखने की अपनी पुरानी आदत छोड़ नहीं पा रही है
विपक्ष को स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए सीएम ने कहा:

“जो हिंदू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा। विपक्ष को अब तुष्टीकरण का खेल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कमेटी के आंकड़ों का हवाला देते हुए साफ किया कि यह बिल कोई राजनीतिक दांव नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की सीधी मांग है।

‘एक देश, एक विधान’ और सामाजिक न्याय का संकल्प
विधेयक के दूरगामी प्रभावों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि UCC कानून किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सभी नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए लाया गया है।
महापुरुषों का सपना:यह बिल **’एक देश, एक विधान’ के संकल्प को साकार करता है और बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को आगे बढ़ाता है।
लैंगिक समानता: यह कानून महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय और लैंगिक समानता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब मध्य प्रदेश
उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब मध्य प्रदेश भी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में सामाजिक न्याय और समानता की ऐतिहासिक राह पर मजबूती से अपने कदम बढ़ा चुका है। UCC का पारित होना राज्य के विधायी इतिहास में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।

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