Rewa news; रीवा। मध्य प्रदेश के न्यायिक इतिहास में रीवा कोर्ट से एक ऐसा ऐतिहासिक और अभूतपूर्व फैसला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर कानूनी गलियारों तक में हड़कंप मचा दिया है। देश के नए सख्त कानून भारतीय न्याय संहिता BNS के तहत रीवा के बहुचर्चित गुढ़ के सौर ऊर्जा प्लांट में ‘संगठित अपराध’ के तहत दर्ज किए गए सभी मामलों की हवा निकल गई है।
जिस मामले में आरोपियों को हाई कोर्ट तक से जमानत नसीब नहीं हुई थी उस बेहद पेचीदा और गंभीर मुकदमे में रीवा की प्रखर और जांबाज युवा महिला अधिवक्ता साक्षी सिंह बघेल ने ऐसी अचूक व्यूहरचना रची कि कोर्ट ने एक के बाद एक, सभी 5 मामलों में सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया।
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Rewa news; क्या था मामला: नए कानून BNS का खौफनाक शिकंजा
गूढ़ थाना पुलिस ने रीवा के विश्वप्रसिद्ध सौर ऊर्जा प्लांट में लगातार वारदातों को अंजाम देने का आरोप लगाते हुए विपिन पटेल, कृष्णकुमार, त्रिवेणी लोनिया सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ एक ‘संगठित गिरोह’ के रूप में मुकदमा दर्ज किया था।
कानूनी पहलू: देश के नए कानून BNS में संगठित अपराध की धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर सीधे आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। पुलिस ने इस मामले को इतना संवेदनशील बना दिया था कि आरोपियों की जमानत याचिकाएं उच्च न्यायालय तक से खारिज हो चुकी थीं।
Rewa news; दो किस्तों में ढहा अभियोजन का किला: न्याय की बड़ी जीत
अपर सत्र न्यायाधीश मनोहर दांगी की अदालत में इस बहुचर्चित मामले का ट्रायल चला। एडवोकेट साक्षी सिंह बघेल की दमदार पैरवी के आगे पुलिस की कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई
पहला प्रहार तीन आरोपी हुए थे बरी शुरुआत में आरोपी विपिन पटेल, कृष्णकुमार और त्रिवेणी लोनिया को दो गंभीर आपराधिक मामलों से माननीय न्यायालय ने दोषमुक्त घोषित किया था।
अंतिम प्रहार सभी 5 मामलों में पूर्ण सफाई विगत 12 और आज 15 तारीख को आए कोर्ट के अंतिम फैसले ने इस केस की ताबूत पर आखिरी कील ठोक दी। अब सभी आरोपी भी अन्य सभी बचे मामलों से पूरी तरह दोषमुक्त हो चुके हैं। इस तरह कुल 5 संगठित आपराधिक मामलों का अंत आरोपियों की पूर्ण आजादी के साथ हुआ।
Rewa news; जब हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, तब कोर्ट रूम में चमकीं एडवोकेट साक्षी सिंह बघेल
जब आरोपियों के जेल से बाहर आने के सारे रास्ते बंद नजर आ रहे थे और हाई कोर्ट से भी निराशा हाथ लगी थी, तब साक्षी सिंह बघेल ने हार नहीं मानी।
ऐतिहासिक नजीर नए कानून (BNS) के तहत संगठित अपराध के इस बेहद कड़े केस को कोर्ट में न सिर्फ लड़ना, बल्कि लगातार 5 मुकदमों में जीत हासिल करना देश भर के वकीलों के लिए एक मिसाल बन गया है।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।

