Rewa News; आरोपी की खोज में भारत के आखिरी छोर पहुंची रीवा पुलिस, 3000 किलोमीटर से पकड़ लाई मुल्जिम
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस ने एक बड़ी और सराहनीय कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म और अपहरण के दो अलग-अलग मामलों में फरार आरोपियों को करीब 3000 किलोमीटर दूर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से न केवल पुलिस की सक्रियता सामने आई है, बल्कि गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश भी गया है। एक आरोपी पर 5000 हजार का इनाम भी घोषित था।
बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के दो मामलों का खुलासा
यह पूरा मामला बैकुंठपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां पिछले कुछ महीनों में नाबालिग लड़कियों के अपहरण और दुष्कर्म के दो गंभीर मामले सामने आए थे। इन दोनों मामलों में आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे, जिन्हें अब पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है।
थाना प्रभारी श्रृंगेश सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों मामलों में अलग-अलग टीमें बनाकर कार्रवाई की गई थी।
पहला मामला: 8 महीने बाद आरोपी गिरफ्तार
पहला मामला लगभग 8 महीने पुराना है, जिसमें ग्राम हटवा निवासी प्रदीप साकेत पर एक किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म का आरोप था।
पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और उसकी लगातार तलाश की जा रही थी। लेकिन घटना के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर इनाम भी घोषित किया गया।
तमिलनाडु में छिपा था आरोपी, 3000 किमी दूर से गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी तमिलनाडु में छिपकर रह रहा है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने लंबी दूरी तय करते हुए आरोपी को लगभग 3000 किलोमीटर दूर से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पुलिस की तकनीकी दक्षता और समन्वय का उदाहरण मानी जा रही है।
POCSO एक्ट के तहत बढ़ाई गई धाराएं
जांच के दौरान पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ POCSO Act के तहत भी धाराएं जोड़ी गईं। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। करीब 6-7 महीने तक फरार रहने के बाद आखिरकार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
दूसरा मामला: 2 महीने पहले हुई वारदात का भी खुलासा
दूसरा मामला करीब 2 महीने पहले का है, जिसमें एक अन्य नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस मामले में भी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में जुट गई।
तेलंगाना से आरोपी पकड़ाया
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस मामले का आरोपी अरुण रावत, निवासी कैमोर थाना सिरमौर, तेलंगाना में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर आरोपी और पीड़िता दोनों को दस्तयाब किया। जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल
दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनी विशेष टीम
इन दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में विशेष टीमों का गठन किया गया था।
टीमों ने साइबर सेल, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र का सहारा लेकर आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पुलिस की सक्रियता से अपराधियों में खौफ
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होगा और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।
नाबालिगों के खिलाफ अपराध पर सख्त संदेश
दोनों ही मामलों में पीड़ित नाबालिग थीं, जिससे इन घटनाओं की गंभीरता और बढ़ जाती है। पुलिस की इस कार्रवाई को नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी?
थाना प्रभारी श्रृंगेश सिंह राजपूत ने बताया कि
दोनों मामलों में अलग-अलग टीमें गठित की गईं
तकनीकी और मुखबिर तंत्र का उपयोग किया गया
आरोपियों को दूसरे राज्यों से गिरफ्तार किया गया
सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया
आगे की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है और यदि अन्य कि
सी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
