ब्रेकिंग: सीधी में जंगल बना आग का दरिया! चौथे दिन भी बेकाबू लपटें, अल्ट्राटेक प्लांट के पास मचा हाहाकार
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के बघवार इलाके में लगी भीषण जंगल की आग ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के पास भड़की यह आग चौथे दिन भी लगातार धधक रही है और तेजी से फैलते हुए जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी है। हालात ऐसे हैं कि आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन गर्मी और तेज हवाएं राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा बन रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह आग रीवा जिले की सीमा से शुरू हुई थी, जिसने अब सीधी जिले के वन क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है। देखते ही देखते करीब एक किलोमीटर से ज्यादा का इलाका आग की चपेट में आ गया। सूखे पत्ते, झाड़ियां और जंगल की घनी वनस्पति आग के लिए ईंधन का काम कर रही हैं, जिससे लपटें और भी खतरनाक होती जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी भयावह है कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर पेड़ पूरी तरह जलकर राख हो चुके हैं, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है। वन्यजीवों के लिए भी यह आग बड़ा खतरा बन गई है, हालांकि अब तक किसी जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दो जिलों का वन अमला मैदान में
आग पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। रीवा और सीधी दोनों जिलों का वन विभाग मौके पर तैनात है। जानकारी के अनुसार, रीवा से करीब 20 और सीधी जिले से 13 वनकर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे हुए हैं। टीम दिन-रात मेहनत कर रही है, लेकिन सीमित संसाधनों और दुर्गम जंगल क्षेत्र के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रात के समय स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है, क्योंकि अंधेरा और हवा की दिशा बदलने से आग पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है। कई जगहों पर आग इतनी तेज है कि टीमों को पास तक पहुंचने में जोखिम उठाना पड़ रहा है।
लापरवाही के आरोप, विभाग ने दिया जवाब
इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठने लगे हैं। क्षेत्र के समाजसेवी तेज बहादुर सिंह ने आरोप लगाया है कि यदि शुरुआत में ही विभाग ने तत्परता दिखाई होती, तो आग इतनी भयावह नहीं बनती। उन्होंने कहा कि शुरुआती लापरवाही के कारण अब स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।
हालांकि, वन विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही हैं। चुरहट रेंज के रेंजर नवीन सिंह ने बताया कि आग पर जल्द ही काबू पाने की पूरी कोशिश की जा रही है और हालात को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास जारी हैं।
फिलहाल जनहानि नहीं, लेकिन खतरा बरकरार
राहत की बात यह है कि अब तक इस आग में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। लेकिन जिस तरह से आग फैल रही है, उसे देखते हुए खतरा अभी टला नहीं है। यदि जल्द ही आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह और बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले सकती है।
प्रशासन और वन विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस आग को जल्द से जल्द नियंत्रित करना है, ताकि पर्यावरण और वन संपदा को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके। इलाके में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
