MP IPS Transfer 2026: सिंगरौली SP को ‘वनवास’, सिवनी SP को ‘इनाम’; 62 अफसरों के तबादलों से बदले कई समीकरण
मध्य प्रदेश में 2 मई की देर रात जारी हुई 62 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची ने पुलिस प्रशासन में बड़े संदेश दिए हैं। इस सूची में जहां कुछ अधिकारियों को जिम्मेदारियों से हटाकर साइडलाइन किया गया है, वहीं कुछ को बड़े शहरों में अहम पद देकर ‘इनाम’ जैसा संकेत दिया गया है। खासतौर पर सिंगरौली और सिवनी से जुड़े फैसलों ने पूरे महकमे का ध्यान खींचा है।
सिंगरौली SP का तबादला: ‘वनवास’ की चर्चा क्यों?
सिंगरौली में हाल ही में हुई बैंक डकैती के बाद एसपी मनीष खत्री को हटाकर पुलिस मुख्यालय (PHQ) भेज दिया गया है। पुलिस महकमे में इस तबादले को ‘वनवास’ की तरह देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस घटना को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाना दोनों ही नाराज थे। इसके अलावा मोरबा थाने में लगातार हो रही विवादास्पद नियुक्तियों ने भी अफसरों की नाराजगी बढ़ाई।
इन सब कारणों को मिलाकर देखा जाए तो यह तबादला सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि जवाबदेही तय करने वाला कदम माना जा रहा है।
सिवनी SP को ‘इनाम’: इंदौर में मिली नई जिम्मेदारी
दूसरी ओर, सिवनी में हवाला कांड के बाद हटाए गए एसपी सुनील मेहता को इंदौर जैसे बड़े शहर में डीसीपी बनाया गया है।
इसे लेकर पुलिस महकमे में ‘इनाम’ जैसी चर्चा हो रही है। आमतौर पर किसी विवाद के बाद हटाए गए अधिकारी को कम महत्वपूर्ण पोस्टिंग दी जाती है, लेकिन यहां उल्टा देखने को मिला।
हालांकि, प्रशासनिक हलकों में इसे अनुभव और क्षमता के आधार पर लिया गया निर्णय भी बताया जा रहा है।
दो बड़े पद अब भी खाली: सरकार को नहीं मिला ‘सूटेबल’ अफसर
तबादला सूची जारी होने के बावजूद राज्य के दो अहम पद अब भी खाली हैं, जो कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
सागर आईजी का पद पिछले एक महीने से खाली है
बुरहानपुर एसपी का पद भी रिक्त छोड़ दिया गया है
फिलहाल सागर का अतिरिक्त प्रभार मिथलेश शुक्ला (आईजी, नर्मदापुरम) के पास है। वहीं बुरहानपुर में नई नियुक्ति न होने से संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही एक और तबादला सूची आ सकती है।
बुरहानपुर से झाबुआ: अधूरी पोस्टिंग ने बढ़ाए संकेत
बुरहानपुर के एसपी देवेंद्र पाटीदार को झाबुआ भेजा गया है, लेकिन उनकी जगह किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई।
इस अधूरी पोस्टिंग को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार जल्द ही एक और सूची जारी कर सकती है, जिसमें इन रिक्त पदों को भरा जाएगा।
प्रशिक्षण शाखा में बड़ा बदलाव: स्पेशल DG को मिली कमान
मध्य प्रदेश पुलिस की प्रशिक्षण शाखा में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस शाखा की जिम्मेदारी स्पेशल डीजी रवि कुमार गुप्ता को सौंपी गई है।
इससे पहले लंबे समय तक इस पद पर एडीजी राजाबाबू सिंह तैनात थे। अब उन्हें रेलवे एडीजी की जिम्मेदारी दी गई है।
यह बदलाव पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से देखा जा रहा है।
4 महीने बाद मिला असली पद: 10 IPS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
जनवरी 2026 में कई आईपीएस अधिकारियों को प्रमोट कर डीआईजी बनाया गया था, लेकिन वे अब तक एसपी स्तर की जिम्मेदारियां ही निभा रहे थे।
अब जाकर इन 10 अधिकारियों को उनके रैंक के अनुरूप जिम्मेदारियां दी गई हैं:
मनोज राय (खंडवा)
रियाज इकबाल (रेडियो)
राहुल लोढ़ा (रेल भोपाल)
सिमाला प्रसाद (रेल जबलपुर)
असित यादव (भिंड)
विवेक सिंह (भोपाल)
शैलेंद्र सिंह चौहान (रीवा)
कुमार प्रतीक (इंदौर)
शिवदयाल (झाबुआ)
मयंक अवस्थी (धार)
इन सभी को अब डीआईजी रैंक की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे प्रशासनिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।
राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश क्या हैं?
इस बड़े फेरबदल को केवल रूटीन ट्रांसफर नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके कई राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश निकाले जा रहे हैं:
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई (सिंगरौली केस)
विवादों के बावजूद भरोसा (सिवनी केस)
खाली पदों के जरिए रणनीतिक इंतजार
प्रमोशन के बाद वास्तविक जिम्मेदारी देने का संकेत
यह भी साफ है कि सरकार अब कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपना रही है।
जल्द आ सकती है दूसरी सूची
जिस तरह से कुछ महत्वपूर्ण पद खाली छोड़े गए हैं, उससे यह संभावना मजबूत हो गई है कि आने वाले दिनों में एक और तबादला सूची जारी की जा सकती है।
पुलिस महकमे और प्रशासनिक हलकों में अब सभी की नजर
अगले फैसलों पर टिकी है, जो प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक दिशा को और स्पष्ट करेंगे।
