“मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले: 26,800 करोड़ की योजनाएं मंजूर, रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को बड़ी सौगात”

0
20260428_185916
Share With Others

मप्र में विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 28 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इस बैठक में सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को मजबूती देने के लिए 26 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

इन फैसलों का सीधा असर प्रदेश के लाखों लोगों पर पड़ेगा, खासकर विंध्य क्षेत्र के लिए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रीवा को स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में एक बड़ी सौगात मिली है, जिससे यहां के मरीजों को अब बड़े शहरों की ओर रुख करने की जरूरत कम होगी।

रीवा के अस्पताल को बड़ा अपग्रेड

कैबिनेट ने श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत संचालित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार के लिए पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। पहले इस परियोजना की लागत 164 करोड़ 49 लाख रुपये तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर अब 174 करोड़ 80 लाख रुपये कर दिया गया है।

हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें

See also  पार्टी टूटी, हौंसले नहीं – शरद पवार ने भरी नई उम्मीदों की हुंकार

इस फैसले के बाद अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और गंभीर बीमारियों का इलाज अब रीवा में ही संभव हो सकेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा उन मरीजों को मिलेगा जो अब तक इलाज के लिए भोपाल, जबलपुर या दिल्ली जैसे बड़े शहरों पर निर्भर थे।

आंगनवाड़ी केंद्रों में बदलेगा माहौल

कैबिनेट बैठक में बाल विकास को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। प्रदेश के 38 हजार 901 आंगनवाड़ी भवनों में बाह्य विद्युतीकरण की योजना को स्वीकृति दी गई है। इसके लिए 80 करोड़ 41 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

यह योजना 16वें वित्त आयोग की अवधि यानी वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। वर्तमान में प्रदेश में 97,882 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में भवनों में अभी तक समुचित विद्युत व्यवस्था नहीं है।

See also  रीवा में भाजपा का जश्न: बंगाल और असम की जीत ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश

नई योजना के तहत इन केंद्रों में बिजली पहुंचने से वहां ट्यूबलाइट, पंखा, कूलर, स्मार्ट टीवी और वॉटर प्यूरीफायर जैसी सुविधाएं संचालित हो सकेंगी। इससे बच्चों को बेहतर माहौल में शिक्षा और पोषण सेवाएं मिलेंगी।

 विकास के साथ जन-कल्याण पर फोकस

कैबिनेट के ये फैसले सिर्फ बजट आवंटन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य जमीनी स्तर पर बदलाव लाना है। स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बीच अंतर को कम करने की दिशा में काम कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं लंबे समय में प्रदेश के मानव संसाधन विकास को गति देंगी। खासकर आंगनवाड़ी केंद्रों में सुधार से बच्चों के शुरुआती विकास पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

 क्या बदल सकता है आने वाले समय में

रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का विस्तार विंध्य क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इससे मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

See also  Rewa News; अमेरिका से लौटकर रीवा पहुंचे थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, डिप्टी सीएम ने किया भव्य स्वागत

वहीं, आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली व्यवस्था होने से डिजिटल शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं का उपयोग संभव होगा, जो अब तक कई जगहों पर नहीं हो पा रहा था।

28 अप्रैल की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले यह दिखाते हैं कि मध्यप्रदेश सरकार अब विकास को सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे जमीन पर उतारने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं का असर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और बाल विकास प्रणाली में स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed