मध्य प्रदेश के इन जिलों में बढ़ गए LPG गैस सिलेंडर के दाम, रीवा सीधी मऊगंज में क्या होगा इसका असर 

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मध्य प्रदेश में एक बार फिर महंगाई ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब प्रदेश के कई शहरों में गैस सिलेंडर ₹1000 के करीब पहुंच चुका है। नई दरें लागू होने के बाद उज्जैन, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। ऐसे में हर महीने का घरेलू खर्च बढ़ने की चिंता लोगों को सताने लगी है।

7 मार्च से लागू हुई नई दरों के मुताबिक प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में औसतन ₹50 से ₹60 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब पहले से ही खाद्य सामग्री, सब्जियों और अन्य जरूरत की चीजों के दाम ऊंचे बने हुए हैं। ऐसे में रसोई गैस महंगी होने से सीधे तौर पर आम परिवारों की जेब पर असर पड़ रहा है।

 उज्जैन समेत इन शहरों में बढ़े दाम

नई कीमतों के बाद मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट अलग-अलग स्तर पर पहुंच गए हैं। उज्जैन में अब एक सिलेंडर के लिए करीब ₹972 चुकाने पड़ रहे हैं, जो पहले के मुकाबले ज्यादा है। राजधानी भोपाल में यह कीमत ₹918 तक पहुंच गई है, जबकि इंदौर में उपभोक्ताओं को ₹941 खर्च करने पड़ रहे हैं।

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इसी तरह ग्वालियर में गैस सिलेंडर की कीमत ₹996 तक पहुंच गई है, जो ₹1000 के बेहद करीब है। जबलपुर में भी रेट बढ़कर ₹919 हो गए हैं। प्रदेश के अन्य शहरों में भी कीमतों में इसी तरह का इजाफा देखा जा रहा है। खास बात यह है कि नर्मदापुरम में गैस सिलेंडर की कीमत ₹1035 तक पहुंच गई है, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा बताई जा रही है।

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घरेलू बजट पर बढ़ा दबाव

रसोई गैस हर घर की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर मासिक बजट पर पड़ता है। उज्जैन और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि पहले ही महंगाई से राहत नहीं मिल रही थी, अब गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से खर्च और बढ़ गया है।

मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी ज्यादा चिंता का कारण बनती जा रही है, क्योंकि उनके बजट का बड़ा हिस्सा खाने-पीने और जरूरी खर्चों में ही चला जाता है। ऐसे में हर महीने गैस सिलेंडर पर अतिरिक्त ₹50-₹60 खर्च करना भी बोझ जैसा लग रहा है।

प्रदेश के प्रमुख शहरों के दाम

भोपाल में पहले 858 अब 918, इंदौर पहले 881 अब 941, ग्वालियर पहले 936 अब 996, जबलपुर पहले 859 अब 919, उज्जैन पहले 912 अब 972 है।

 कॉमर्शियल सिलेंडर भी महंगा, व्यापार पर असर

घरेलू गैस के साथ-साथ 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी इजाफा हुआ है। इस बार करीब ₹115 तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे कारोबारियों पर पड़ना तय माना जा रहा है।

उज्जैन जैसे धार्मिक और पर्यटन शहर में बड़ी संख्या में होटल और भोजनालय संचालित होते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था करने वाले व्यापारियों की लागत बढ़ने से अब खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।

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 क्यों बढ़ती हैं गैस की कीमतें?

एलपीजी सिलेंडर की कीमतें हर महीने कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों के आधार पर तय की जाती हैं। इसमें वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, परिवहन लागत और टैक्स जैसे पहलू शामिल होते हैं।

जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस और क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ती हैं, तो उसका असर सीधे भारत में एलपीजी सिलेंडर के दाम पर पड़ता है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और डिस्ट्रीब्यूशन की लागत भी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

मिडिल ईस्ट तनाव का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के समय में मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भी गैस की कीमतों पर पड़ा है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता से वैश्विक सप्लाई प्रभावित होती है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।

ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ने के कारण भारत जैसे आयात पर निर्भर देश को इसका सीधा असर झेलना पड़ता है। यही वजह है कि हालिया समय में गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के दिए निर्देश

स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश की तेल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का उपयोग प्राथमिक रूप से रसोई गैस बनाने के लिए किया जाएगा, ताकि सप्लाई में किसी तरह की कमी न हो।

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सरकार का उद्देश्य है कि बढ़ती मांग के बीच बाजार में गैस की उपलब्धता बनी रहे और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि कीमतों पर इसका असर आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा।

आगे क्या मिल सकती है राहत?

फिलहाल उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दाम के साथ ही काम चलाना होगा। हालांकि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें स्थिर होती हैं या घटती हैं, तो आने वाले महीनों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की नीतियों और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर ही भविष्य में गैस सिलेंडर की कीमत तय होगी। ऐसे में उपभोक्ताओं को फिलहाल अपने बजट को संतुलित रखते हुए खर्च करना होगा।

रीवा सहित विंध्य पर भी पड़ सकता है असर 

LPG गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम का असर विंध्य प्रदेश के जिले रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, सतना में हो सकता है, देश के कई राज्यों में कमर्शियल और LPG गैस का संकट है। अब इसके बाद इनके दामों पर साफ साफ देखा जा सकता है। लोगों का कहना है कि लगातार महंगाई बढ़ रही है। जिससे आम लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अच्छे दिन का तो पता नहीं,लेकिन हर दिन चुनौती वाला होता है।

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