Sidhi news:रीवा लोकायुक्त पुलिस ने सीधी में रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मंडल संयोजक संजय सिंह चौहान को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मामला जनजातीय कार्य विभाग सीधी से जुड़ा है, जहां सेवा से पृथक किए गए रसोइया अशोक योगी से लंबित वेतन भुगतान और सेवा में दोबारा वापस लेने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग किए जाने का आरोप है।
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लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रसोइया अशोक योगी से कथित तौर पर रिश्वत की राशि कन्या शिक्षा परिसर की अधीक्षिका सुनीता पाण्डेय के माध्यम से मांगी गई थी। अशोक योगी ने पूर्व में 10 हजार रुपये अधीक्षिका सुनीता पाण्डेय को दिए थे। शेष 40 हजार रुपये आज मंडल संयोजक संजय सिंह चौहान को दिए जा रहे थे, इसी दौरान लोकायुक्त पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई का नेतृत्व लोकायुक्त पुलिस रीवा के निरीक्षक नरेश बेहरा ने किया। टीम में निरीक्षक संदीप भदौरिया सहित कुल 13 सदस्य शामिल रहे।
कार्रवाई के दौरान अधीक्षिका सुनीता पाण्डेय की भूमिका भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त कार्रवाई की भनक लगते ही उनका मोबाइल बंद हो गया और वह लापता हो गईं। उनकी तलाश और मामले में उनकी भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लोकायुक्त पुलिस की इस कार्रवाई से जनजातीय कार्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले में अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है।
इनका कहना है
अशोक योगी द्वारा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा से शिकायत की गई थी, शिकायत का सत्यापन कराने के बाद आज यह कार्यवाही की गई है, कार्यवाही के दौरान संजय सिंह चौहान को 40 हजार रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।
नरेश बेहरा, निरीक्षक लोकायुक्त रीवा

