Rewa sgmh:सरकारी डॉक्टर ड्यूटी के समय सिर्फ सरकारी अस्पतालों में दें सेवा: मनगवां विधायक

Share With Others

Rewa sgmh:सरकारी डॉक्टर ड्यूटी के समय सिर्फ सरकारी अस्पतालों में दें सेवा: मनगवां विधायक,स्वास्थ्य सुधार के लिए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के सख्त निर्देशों का किया समर्थन; कहा– इससे गरीबों को मिलेगा डॉक्टरों के अनुभव का लाभ

मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भोपाल में विभागीय अधिकारियों व डॉक्टरों की उच्च स्तरीय बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी टाइम में निजी प्रैक्टिस करते पाए जाने पर डॉक्टरों के खिलाफ निलंबन और सेवा समाप्ति की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें

उपमुख्यमंत्री के इन सख्त निर्देशों और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की पहल पर मनगवां विधायक ने अपनी सहमति जताते हुए समर्थन किया है।

Rewa sgmh: गरीबों तक पहुँचे सरकारी सुविधाओं का लाभ

मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश पूरी तरह जनहित में हैं। शासकीय डॉक्टरों को अपने निर्धारित ड्यूटी आवर्स के दौरान किसी भी सूरत में प्राइवेट क्लीनिक या निजी अस्पतालों में सेवाएं नहीं देनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश सरकार की मंशा है कि गरीब से गरीब व्यक्ति को सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज मिले। जब सरकारी डॉक्टर अपनी पूरी सेवा सरकारी अस्पतालों में देंगे, तो आम जनता को उनकी विशेषज्ञता और लंबे शैक्षणिक अनुभव का सीधा लाभ मिल सकेगा।

Rewa sgmh: आयुष्मान योजना से हर वर्ग को सुरक्षा

निजी अस्पतालों में इलाज के विषय पर विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग हर नागरिक का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। इसके माध्यम से गंभीर बीमारियों और बड़े ऑपरेशन्स का खर्च सरकार वहन कर रही है, जिससे प्राइवेट अस्पतालों में भी आम जनता को आर्थिक राहत मिल रही है।

 

व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

रीवा में हाल ही में सामने आईं स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए विधायक ने विश्वास जताया कि शासन की इस सख्ती से स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर 10-12 साल की कठिन पढ़ाई के बाद समाज सेवा के भाव से इस पेशे में आते हैं, और इन कड़े नियमों के लागू होने से अस्पतालों की कार्य संस्कृति और बेहतर होगी।

Leave a Comment