Rewa news गणतंत्र दिवस पर रीवा में ‘ट्रैक्टर परेड’: अन्नदाताओं ने भरी हुंकार, जय जवान-जय किसान के नारों से गूंजा शहर ,कलेक्ट्रेट में सौपा ज्ञापन
Rewa news देश जब 77वें गणतंत्र दिवस के उल्लास में डूबा था, ठीक उसी समय रीवा की सड़कों पर अन्नदाताओं ने अपने अधिकारों के लिए शक्ति प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने भव्य ‘ट्रैक्टर रैली’ निकाली। हाथों में तिरंगा और जुबां पर ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा लिए किसानों ने साफ कर दिया कि जब तक MSP गारंटी कानून नहीं बनता, उनका संघर्ष थमेगा नहीं।
“खून-पसीना बहाते हैं, फिर भी खाद-बिजली के लिए तरसते हैं”
रैली के दौरान किसान नेताओं का दर्द भी छलक उठा। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि किसान दिन-रात एक कर देश का पेट भरता है, लेकिन जब फसल को खाद और पानी की जरूरत होती है, तो उसे दर-दर भटकना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को समय पर खाद और बिजली उपलब्ध कराने में नाकाम रही है, जिससे खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है।
प्रधानमंत्री को याद दिलाए ‘पुराने वादे’
किसान नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे दिल्ली आंदोलन के दौरान किए गए अपने वादों को पूरा करें। उन्होंने कहा:”देश की 80 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। उनकी उपेक्षा राष्ट्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। हम मांग करते हैं कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के तहत MSP का कानूनी अधिकार दिया जाए।”
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, उच्च स्तर पर भेजी जाएगी मांग
रैली के समापन पर किसानों ने प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। मौके पर मौजूद हुजूर तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला ने बताया कि किसान नेताओं से शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसानों की इन मांगों और समस्याओं को उच्च स्तर (शासन) तक विचारार्थ भेजा जाएगा।
