“रीवा से मुंबई, कोलकाता-बेंगलुरु की सीधी उड़ानें? 830 किसानों की जमीन पर बन रहा बड़ा एयरपोर्ट प्लान”

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मप्र के विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। रीवा एयरपोर्ट का विस्तार अब तेजी से आगे कि ओर बढ़ रहा है और इसके साथ ही भविष्य में देश के बड़े शहरों मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु से सीधी हवाई कनेक्टिविटी की उम्मीद भी मजबूत हो गई है। डिप्टी सीएम और प्रशासन ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए एयरपोर्ट के रनवे विस्तार और अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिससे 830 किसानों को फायदा मिल सकता है।

रनवे बढ़ाकर 2300 मीटर करने की योजना

वर्तमान में रीवा एयरपोर्ट का रनवे करीब 1800 मीटर लंबा है, जिस पर अभी केवल ATR-72 जैसे छोटे विमान ही लैंड कर सकते हैं। लेकिन प्रस्तावित योजना के तहत इस रनवे को बढ़ाकर 2300 मीटर किया जाएगा।

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इस विस्तार के बाद एयरबस A320 जैसे 150 से 180 सीट क्षमता वाले बड़े विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी। यह बदलाव रीवा को सीधे देश के प्रमुख महानगरों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

 140 एकड़ जमीन का अधिग्रहण

एयरपोर्ट विस्तार के लिए करीब 140 एकड़ अतिरिक्त भूमि की जरूरत होगी। प्रशासन ने जमीन का सीमांकन कर लिया है और इसकी रिपोर्ट भोपाल भेज दी गई है।

इस परियोजना से लगभग 830 किसान प्रभावित होंगे। सरकार द्वारा इन किसानों को लगभग 340 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया इस बड़े प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है।

 किसानों पर असर और मुआवजा

एयरपोर्ट विस्तार से जहां क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों किसानों की जमीन भी इस परियोजना में शामिल हो रही है।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के अनुसार प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा, ताकि उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक हानि न हो। प्रशासन का दावा है कि मुआवजा प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से पूरी की जाएगी।

हवाई यात्रा की बढ़ती मांग

रीवा एयरपोर्ट पर हाल ही में शुरू हुई नियमित विमान सेवाओं को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। मात्र पांच महीनों में करीब 20,000 यात्रियों ने यहां से हवाई सफर किया है।

यह आंकड़ा दर्शाता है कि विंध्य क्षेत्र में हवाई यात्रा की मांग तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि सरकार अब इस एयरपोर्ट को बड़े स्तर पर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

बड़े शहरों से सीधी कनेक्टिविटी की संभावना

रनवे विस्तार और बड़े विमानों की लैंडिंग सुविधा मिलने के बाद रीवा से देश के प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना है।

विशेष रूप से मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी इन शहरों तक पहुंचने के लिए लोगों को कई बार ट्रांजिट या लंबा सड़क/रेल सफर करना पड़ता है।

व्यापार, निवेश और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सीधी हवाई कनेक्टिविटी से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि इसका सीधा असर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।

रीवा और आसपास के जिलों में व्यापार और उद्योग को नई गति मिलेगी। निवेशकों के लिए यह क्षेत्र अधिक आकर्षक बनेगा, वहीं पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। विंध्य क्षेत्र के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

विंध्य क्षेत्र के लिए ‘हवाई हब’ बनने की दिशा में कदम

सरकार की योजना रीवा एयरपोर्ट को केवल एक स्थानीय एयरपोर्ट तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसे विंध्य क्षेत्र का “हवाई हब” बनाने की है।

रनवे विस्तार, बड़े विमानों की आवाजाही और बढ़ती कनेक्टिविटी के साथ यह एयरपोर्ट आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास का केंद्र बन सकता है।

आगे क्या?

फिलहाल प्रशासन द्वारा जमीन अधिग्रहण और रनवे विस्तार की प्रक्रिया जारी है। रिपोर्ट भोपाल भेजी जा चुकी है और मंजूरी मिलने के बाद काम और तेजी से आगे बढ़ेगा।

यदि सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो आने वाले समय में रीवा एयरपोर्ट न सिर्फ बड़े विमानों की लैंडिंग का गवाह बनेगा, बल्कि विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख शहरों से सीधे जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बन जाएगा।

रीवा एयरपोर्ट का यह विस्तार सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाला कदम साबित हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि कब रीवा से सीधे मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए उड़ानें शुरू होती हैं।

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