Rewa news: 327 शीशी ऑनरेक्स कफ सिरप जब्ती का था मामला; बचाव पक्ष की दलीलों के आगे टिक नहीं सका अभियोजन का पक्ष रीवा स्थित एनडीपीएस एक्ट की विशेष अदालत ने NDPS तस्करी के एक बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी सत्यम सिंह को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किए गए 15 गवाहों और साक्ष्यों के बावजूद अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ मामला साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा।
मामला वर्ष 2023 का है, जब पुलिस थाना विश्वविद्यालय रीवा ने आरोपी सत्यम सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21 और 22 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस के दावों के अनुसार, एक चार पहिया वाहन से 327 शीशी प्रतिबंधित मादक ‘ऑनरेक्स कफ सिरप’ की जब्ती की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया था।
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कोर्ट में ऐसे पलटी बाजी
विशेष न्यायालय एनडीपीएस के समक्ष सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी को दोषी साबित करने के लिए कुल 15 गवाहों को अदालत में पेश किया।
हालाँकि, आरोपी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह परिहार शेरा और अधिवक्ता गिरीश पटेल ने पुलिस की कार्रवाई, जब्ती की प्रक्रिया और गवाहों के बयानों में मौजूद गंभीर विरोधाभासों को अदालत के सामने प्रमुखता से रखा। बचाव पक्ष की ओर से दी गई मजबूत कानूनी दलीलों और तथ्यों के विश्लेषण के बाद अदालत ने माना कि आरोपी के खिलाफ अपराध साबित नहीं होता है।तमाम साक्ष्यों और सुनवाई के उपरांत विशेष न्यायालय ने सत्यम सिंह को दोषमुक्त घोषित किया।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
