Bjp condidate:;भाजपा नेता के पुत्र के सीने में मारी गोली : साक्ष्यों के अभाव में ढह गया पुलिस का केस, सिकंदर समेत सभी आरोपी दोषमुक्त

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Bjp condidate ;रीवा। जिला न्यायालय से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भाजपा नेता के पुत्र को सीने में गोली मारकर जान से मारने की कोशिश करने वाले आरोपियों को कोर्ट ने आज बड़ी राहत दी है। रीवा के चर्चित गोली कांड के प्रयास मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर सिंह राठौड़ की अदालत ने मुख्य आरोपी सिकंदर मेहतर, नीतेश,गौतम वस्क्सरीया, बिगुल

को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूत और गवाह न्यायालय में टिक नहीं सके, जिसके चलते अभियोजन पक्ष को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है।

पूरा मामला कई बार के पार्षद और कद्दावर भाजपा नेता कृष्णप्रिय मैत्र के परिवार से जुड़ा था। आरोप था कि हमलावरों ने कृष्णप्रिय मैत्र की हत्या की साजिश रची थी, लेकिन मौका न मिलने पर उनके पुत्र पंकज मैत्र को निशाना बनाया गया। घटना के वक्त पंकज अपने घर में सो रहे थे, तभी हमलावरों ने उनके सीने में गोली दाग दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आनन-फानन में सिकंदर और उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और मामला अपर सत्र न्यायालय में पेश किया गया।

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मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने आरोपियों को सलाखों के पीछे रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। न्यायालय के समक्ष कुल 17 गवाहों को पेश किया गया ताकि वारदात को साबित किया जा सके। लेकिन लंबी बहस और गवाहों के बयानों में आए विरोधाभास ने पुलिस की कहानी को पूरी तरह कमजोर कर दिया। बचाव पक्ष के वकीलों ने कानून की बारीकियों के साथ दलीलें पेश कीं, जिससे यह साबित हुआ कि अभियोजन पक्ष के पास आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस और अटूट सबूत नहीं है।

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पाया कि संदेह से परे मामला साबित नहीं हो सका है। इसी के आधार पर न्यायाधीश सुधीर सिंह राठौड़ ने सभी आरोपियों को हत्या के प्रयास के गंभीर आरोपों से बरी करने का आदेश जारी किया। इस मामले में आरोपियों की ओर से अधिवक्ता राजीव सिंह परिहार (शेरा सिंह) के नेतृत्व में गिरीश पटेल, साक्षी सिंह बघेल, सुभी सिंह, संभव मिश्रा और अन्य वकीलों की टीम ने पैरवी की।

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इस फैसले ने एक बार फिर पुलिस की तफ्तीश पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। भाजपा नेता के घर में घुसकर हुई इस वारदात में आरोपियों का दोषमुक्त होना पुलिस प्रशासन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। फिलहाल न्यायालय के इस निर्णय के बाद बचाव पक्ष में खुशी की लहर है, जबकि पीड़ित पक्ष के लिए यह फैसला किसी सदमे की तरह है।

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