Mauganj news: मऊगंज में नियमों को ठेंगा दिखाकर चल रहे क्रेशर और प्लांट, प्रदूषण से लोगों का जीना मुश्किल

Share With Others

मऊगंज जिले में क्रेशर संचालकों की मनमानी अब खुलकर सामने आने लगी है। जिले के कई इलाकों में क्रेशर मशीनें नियम-कानून को दरकिनार कर संचालित की जा रही हैं। कुछ क्रेशर जहां कागजी प्रक्रिया पूरी कर चल रहे हैं, वहीं कई ऐसे भी हैं जो बिना किसी वैध अनुमति के ही धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं।

इस गंभीर मामले को लेकर जिले के आम नागरिकों और वरिष्ठ समाजसेवियों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह अवैध कारोबार लगातार बढ़ रहा है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।

हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें

स्थानीय लोगों के अनुसार, क्रेशर प्लांट से निकलने वाली धूल और तेज आवाज ने आसपास के गांवों में रहना मुश्किल कर दिया है। खेतों में फसल पर धूल जम रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है, वहीं लोगों में सांस और अन्य बीमारियों के मामले भी बढ़ने लगे हैं।

IMG 20260416 WA0009

इसी तरह, एमपी आरडीसी (MP RDC) से जुड़े प्लांटों पर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अधिकारियों और संचालकों की मिलीभगत से बिना उचित व्यवस्थाओं के प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर पथरिया क्षेत्र में स्थापित एमपी आरडीसी का प्लांट चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां प्रदूषण नियंत्रण के आवश्यक उपाय नहीं किए गए हैं। प्लांट से लगातार निकलने वाला धुआं पूरे क्षेत्र में फैल रहा है, जिससे वातावरण जहरीला हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सुबह से शाम तक इलाके में धुएं की चादर छाई रहती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से संचालित क्रेशरों और नियमों का पालन न करने वाले प्लांटों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक चुप्पी साधे रहता है, या फिर जल्द कोई सख्त कदम उठाकर लोगों को राहत देता है।

Leave a Comment