Mauganj News: रीवा के बाद अब मऊगंज कलेक्टर ने लिया एक्शन, जारी किया जिले भर में यह आदेश
Mauganj News: मऊगंज जिले में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर श्री संजय कुमार जैन द्वारा स्कूलों के संचालन समय में तत्काल प्रभाव से परिवर्तन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस आदेश का उद्देश्य भीषण गर्मी के प्रभाव से बच्चों को राहत देना और उन्हें सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्रदान करना है।
जारी आदेश के अनुसार मऊगंज जिले में संचालित सभी प्रकार के विद्यालय—शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध—अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे। यह समय परिवर्तन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सभी विद्यालयों को इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही शिक्षकों और विद्यालय के अन्य कर्मचारियों के लिए अलग से समय निर्धारित किया गया है। उन्हें दोपहर 1:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहकर अपने आवश्यक शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को पूरा करना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यालयी व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से निर्धारित परीक्षाएं और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम अपनी पूर्व घोषित समय सारिणी के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे। यानी केवल नियमित कक्षाओं के समय में परिवर्तन किया गया है, जबकि परीक्षा और विशेष गतिविधियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से जिले में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे खासकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में सुबह के समय स्कूल संचालित करने का निर्णय विद्यार्थियों के हित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन समितियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। यदि किसी विद्यालय द्वारा निर्देशों की अनदेखी की जाती है, तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है।
अभिभावकों और छात्रों से भी अपील की गई है कि वे नए समय के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करें और समय पर विद्यालय पहुंचें। यह निर्णय न केवल बच्चों को गर्मी से बचाने में सहायक होगा, बल्कि उनकी नियमित पढ़ाई को भी बिना किसी बाधा के जारी रखने में मदद करेगा।
