MP Weather Update: मई में बदला मिजाज, 39 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों का अलर्ट; 60 Km/h तक चलेंगी हवाएं

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मध्य प्रदेश में इस बार मई की शुरुआत ने मौसम के पारंपरिक ट्रेंड को तोड़ दिया है। जहां आमतौर पर इस समय तक भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिलता है, वहीं इस बार प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को चौंका दिया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी इसी तरह के हालात बने रहने की चेतावनी दी है। 39 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

सबसे ज्यादा असर जबलपुर, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, उमरिया और कटनी जिलों में देखने को मिल सकता है, जहां तेज आंधी के साथ अचानक मौसम बिगड़ सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले क्षेत्रों में काम करने वाले और यात्रा करने वालों को।

39 जिलों में अलर्ट: आपके जिले में क्या असर? MP Weather Update

मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

 क्या हो सकता है असर? MP Weather News

अचानक तेज आंधी से पेड़ गिरने की आशंका

बिजली सप्लाई बाधित हो सकती है

खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान

शहरों में ट्रैफिक और जनजीवन प्रभावित

इंदौर-उज्जैन संभाग में फिलहाल राहत

प्रदेश के इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम और हरदा में फिलहाल तेज मौसम गतिविधि की संभावना कम है।

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हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय सिस्टम के कारण यहां भी अचानक बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता।

कहीं बारिश, तो कहीं अब भी तपिश MP Weather Update

प्रदेश में इस समय मौसम का “मिक्स पैटर्न” देखने को मिल रहा है। एक तरफ कुछ जिलों में तेज आंधी और बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर कई इलाके अब भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं।

सोमवार को रायसेन सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खरगोन में 43 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री, मंडला में 41.9 डिग्री और नरसिंहपुर में 41 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

छिंदवाड़ा, रतलाम और शाजापुर में भी तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा, जिससे साफ है कि गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, बल्कि बीच-बीच में अपना असर दिखा रही है।

खजुराहो सबसे ठंडा, ग्वालियर में राहत

दूसरी ओर कुछ शहरों में मौसम ने राहत भी दी है। खजुराहो में तापमान 33.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। दतिया में 34.8 डिग्री और टीकमगढ़ में 35.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 34.8 डिग्री तक गिर गया। वहीं इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री और भोपाल में 40.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

रीवा और आगर-मालवा में ओले, किसानों की चिंता बढ़ी

सोमवार को रीवा और आगर-मालवा में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस मौसम बदलाव का सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां कटाई का समय चल रहा है।

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कई जगहों पर तेज हवा के कारण पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की भी खबरें सामने आई हैं।

क्यों बदल गया मौसम? जानिए वजह

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में इस समय एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके साथ ही दो ट्रफ लाइनें भी गुजर रही हैं, जो वातावरण में अस्थिरता पैदा कर रही हैं।

इसी वजह से:

कहीं ओले गिर रहे हैं

कहीं तेज आंधी चल रही है

और कई जगह बारिश हो रही है

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह सिस्टम 8 मई तक सक्रिय रहेगा, जिसके कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

भोपाल: गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड

राजधानी भोपाल में मई का महीना हमेशा से ही मिश्रित मौसम वाला रहा है। पिछले 10 वर्षों में यहां कई बार तापमान 45 डिग्री से ऊपर गया है, जबकि हर साल बारिश भी दर्ज की गई है।

2016 में यहां तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जो रिकॉर्ड है। वहीं 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।

इस साल भी मौसम विभाग ने मई में बारिश के संकेत दिए हैं, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

ग्वालियर: रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का इतिहास

ग्वालियर में गर्मी का असर बाकी शहरों से ज्यादा रहता है। यहां पिछले 10 वर्षों में कई बार तापमान 46–47 डिग्री तक पहुंच चुका है।

इतिहास में 30 मई 1947 को यहां 48.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था, जो अब भी एक बड़ा रिकॉर्ड है। हालांकि यहां भी बारिश का ट्रेंड बना हुआ है और पिछले साल ढाई इंच तक बारिश हुई थी।

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जबलपुर और उज्जैन: दोहरा मौसम पैटर्न

जबलपुर में जहां एक ओर तापमान कई बार 45 डिग्री पार कर चुका है, वहीं यहां हर साल मई में बारिश भी होती है। 2021 में यहां 3 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।

उज्जैन में भी यही स्थिति है—कभी तेज गर्मी, तो कभी अचानक बारिश। 2010 में यहां तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें कुछ गिरावट देखी गई है।

आगे क्या? फिर लौटेगी लू या मिलेगी राहत

मौसम विभाग के अनुसार, 8 मई तक प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलों का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है और तापमान फिर से तेजी से बढ़ सकता है।

यानी

अभी कुछ दिन राहत

फिर वापस लौट सकती है तेज गर्मी

सावधान रहें: ये जरूरी सलाह

तेज आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें

किसान फसल की सुरक्षा के उपाय करें

यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें

बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

मध्य प्रदेश में इस बार मई की शुरुआत ने साफ कर दिया है कि मौसम अब पहले जैसा पूर्वानुमानित नहीं रहा। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है, जिससे “मिक्स वेदर पैटर्न” देखने को मिल रहा है।

आने वाले दिनों में यह बदलाव लोगों के लिए राहत भी ला सकता है और चुनौती भी। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।

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